
पिलखाभूमि अंबिकापुर (सरगुजा)। सरगुजा की हृदयस्थली में आज राष्ट्रभक्ति का एक अनुपम दृश्य देखने को मिला। युवा ब्राह्मण महासभा द्वारा अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गगनभेदी नारों और श्रद्धापूर्ण वातावरण के बीच समाज के युवाओं ने महान क्रांतिकारी के बलिदान को याद किया।
महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलने की हुंकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद केवल एक नाम नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने का एक विचार हैं। सरगुजा के युवाओं में राष्ट्रवाद की अलख जगाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि क्रांतिकारियों की वीरगाथा को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम का नेतृत्व युवा ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष रानू दुबे और सचिव स्वर्णिम शुक्ला ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर समाज के प्रबुद्ध जन और युवा शक्ति एकजुट रही, जिनमें मुख्य रूप से:
अजय गौतम एवं प्रकाश मणि त्रिपाठी (उपाध्यक्ष)
अमित तिवारी ‘राजा’ एवं दीपक शुक्ला (विशेष आमंत्रित सदस्य)
रचित मिश्रा (मीडिया प्रभारी), विष्णु देव पांडेय और हितांशु त्रिपाठी
सहित बड़ी संख्या में अन्य सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने बारी-बारी से प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की।
युवा शक्ति का आह्वान
महासभा ने स्पष्ट किया कि संगठन का लक्ष्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि आजाद के उस ‘स्वतंत्र’ और ‘सशक्त’ भारत के सपने को साकार करना है, जिसके लिए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। मीडिया प्रभारी रचित मिश्रा ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन कर सरगुजा की युवा पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा।
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा.
इसी भावना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।







