
अम्बिकापुर/सरगुजा: पिलखा भूमि एक्सक्लूसिव
‘3 से 4 महीने का समय दीजिए, सरगुजा संभाग की 100% सड़कों का ऐसा कायाकल्प होगा कि सब देखते रह जाएंगे…’ — आज से ठीक 8 महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Clipper28 पर ऑन-कैमरा बड़े दंभ के साथ यह दावा करने वाले प्रदेश के मंत्री राजेश अग्रवाल जी से आज सरगुजा की जनता सीधे हिसाब मांग रही है। मनेंद्रगढ़ रोड, रामानुजगंज-बलरामपुर रोड, बनारस रोड, रायगढ़ रोड से लेकर बिलासपुर रोड तक ‘मक्खन’ जैसी सड़क का जो हसीन सपना जनता को बेचा गया था, 8 महीने बीत जाने के बाद भी उसकी कड़वी हकीकत गिट्टियों, जानलेवा गड्ढों और धूल के गुबार में तब्दील हो चुकी है!
बीच में जब महामहिम राष्ट्रपति महोदया का सरगुजा प्रवास हुआ, तब अपनी प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए PWD के तंत्र ने आनन-फानन में डामर और गिट्टी का जो ‘लीपापोती वाला नाटक’ रचा था, उसकी पोल भी पहली ही आवाजाही में खुल गई। वह घटिया पैचवर्क उखड़कर हवा में उड़ चुका है और सड़कें फिर से अपने मूल ‘नर्क’ वाले रूप में जनता का खून सुखा रही हैं!

8 महीने पहले का ही फेसबुकिया पैंतरा: 61 करोड़ 34 लाख का दांव!
हैरानी की बात यह है कि आज से करीब 8 महीने पहले (21 जनवरी 2026) जब मंत्रीजी ने एक तरफ Clipper28 पर 100% सड़क सुधार का राग अलापा था, तो उसी दौरान अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से एक बड़ा-सा डिजिटल पोस्टर भी चिपका दिया गया था!

सोशल मीडिया पर ढोल पीटा गया था कि गांधी चौक से रेलवे स्टेशन मार्ग के 5.54 किलोमीटर लंबे रास्ते को 61 करोड़ 34 लाख 7 हजार रुपये की लागत से ‘फोरलेन चौड़ीकरण’ की स्वीकृति मिल चुकी है।
लेकिन ‘पिलखा भूमि’ सीधे सत्ता के गलियारों से पूछ रहा है कि 8 महीने बीत जाने के बाद भी वह 61 करोड़ का भारी-भरकम बजट किस अफ़सर की फ़ाइल में दफ़न होकर सरकारी खजाने से गायब हो रहा है? 8 महीने पहले फेसबुक पर फोटो चमकाकर और बजट का ढोल पीटकर मंत्रीजी और उनका अमला तो वाहवाही लूटकर निश्चिंत हो गया, पर धरातल पर न फोरलेन की एक गिट्टी पड़ी और न ही डामरीकरण हुआ। मरम्मत के नाम पर केवल जनता के टैक्स के पैसों की बंदरबांट की गई!

विपक्षी नेताओं का करारा प्रहार: शैलेंद्र प्रताप सिंह ने उधेड़ी वादों की बखिया!
इस पूरे प्रशासनिक भ्रष्टाचार, खोखले वादों और सरकारी लापरवाही को लेकर जब ‘पिलखा भूमि’ ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से सीधी चर्चा की, तो उन्होंने ऑन-कैमरा मंत्री और पूरी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया:
जनता के टैक्स का पैसा, और साहिबानों की मखमली अयाशी!
सबसे बड़ा कड़वा सच तो यह है कि जिन आलीशान दफ़्तरों की कुर्सियों पर ये हुक्मरान बैठे हैं और जिन करोड़ों की लग्जरी गाड़ियों में ये हवा से बातें करते घूम रहे हैं, वह किसी नेता या अफ़सर की निजी संपत्ति नहीं है! वह खून-पसीने की कमाई से दिए गए जनता के टैक्स का पैसा है।

विडंबना और शर्म की बात देखिए कि इसी सरगुजा संभाग से प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित 4-4 कद्दावर मंत्री (कुल 5 दिग्गजों का प्रशासनिक अमला) आते हैं। लेकिन जनता के टैक्स से सरकारी लग्जरी गाड़ियों, ठंडी AC की हवा और मखमली सस्पेंशन में बैठने वाले इन साहिबानों को सड़क का एक भी गड्ढा महसूस ही नहीं होता! जब सायरन बजाती गाड़ियाँ काले शीशे चढ़ाकर सर्राटे से गुजरती हैं, तो सड़क की जहरीली धूल सिर्फ आम नागरिकों, दुकानदारों और मरीजों के फेफड़ों में भरती है।
पिलखा भूमि के सीधे, सवाल:
- माननीय मंत्री राजेश अग्रवाल जी से: 8 महीने पहले Clipper28 पर किए गए ‘100% सड़क सुधार’ के दावे और उसी समय के (21 जनवरी) 61.34 करोड़ वाले फेसबुक पोस्ट में से कौन सा दावा सच था? फोरलेन धरातल पर कब उतरेगा या यह भी सिर्फ जनता को बेवकूफ बनाने का डिजिटल पैंतरा था?
- PWD के जिम्मेदार इंजीनियरों व अफ़सरों से: राष्ट्रपति प्रवास के दौरान कराई गई घटिया लीपापोती का भुगतान किस आधार पर पास हुआ? जनता के टैक्स के पैसों से बने इस ‘कागजी रोड’ का पेमेंट करने वाले अफ़सरों पर कार्रवाई कब होगी?
- संभाग के 5-5 कद्दावर दिग्गजों से: जिस संभाग से मुख्यमंत्री और 4-4 मंत्रियों की हुकूमत चलती है, उसी संभाग का मुख्य रेलवे स्टेशन मार्ग आज बदहाली की मार क्यों झेल रहा है? क्या आपकी गाड़ियों के काले शीशों के पार जनता का दर्द दिखना बंद हो चुका है?

होश में आएं जिम्मेदार, वरना झेलना पड़ेगा भारी जनआक्रोश!
गांधी चौक से रेलवे स्टेशन का मार्ग कोई सामान्य गली-मोहल्ला नहीं, बल्कि इस पूरे अंचल की साख और रेलवे कनेक्टिविटी की रीढ़ है। अगर मंत्रीजी और उनके सिपहसालारों को लगता है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर, फर्जी बयानों का झुनझुना थमाकर और थूक से बिलौना लगाकर जनता को बेवकूफ बनाया जा सकता है, तो यह उनकी भारी भूल है।
पिलखा भूमि की सीधी चेतावनी: जनता की गाढ़ी कमाई पर पलने वाले ये जिम्मेदार अफ़सर और जनप्रतिनिधि अगर अब भी अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागे, और स्वीकृत बजट के अनुसार सड़क का तत्काल प्रभाव से गुणवत्तापूर्ण चौड़ीकरण व पक्का डामरीकरण शुरू नहीं हुआ, तो AC कमरों और गाड़ियों में बैठे इन हुक्मरानों का पर्दाफ़ाश इसी कड़क अंदाज़ में लगातार जारी रहेगा।

संपादकीय एवं डिस्क्लेमर (Editorial &l Disclaimer):
यह समाचार रिपोर्ट जनप्रतिनिधि के सार्वजनिक बयानों (Clipper28 साक्षात्कार), 21 जनवरी 2026 को मंत्री राजेश अग्रवाल के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर साझा की गई लोक-सूचना, विपक्षी नेताओं (जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों) के ऑन-कैमरा बयानों तथा धरातलीय स्थिति पर आधारित है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत निष्पक्ष पत्रकारिता एवं जनता के टैक्स के पैसों की प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से यह प्रश्न पूछे गए हैं। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत साख को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और जन-सुविधाओं से संबंधित प्रशासनिक तंत्र को सचेत करना है। संबंधित विभाग या जनप्रतिनिधि इस पर अपना आधिकारिक पक्ष रखने के लिए आमंत्रित हैं।











