
अंबिकापुर (पिलखा भूमि ब्यूरो)।
जब पूरा देश राखी की थाली सजाकर घरों में खुशियां मना रहा होगा, तब बर्फानी चोटियों और तपते रेगिस्तानों में तिरंगे की आन बचाने वाले जवानों की कलाई सूनी नहीं रहेगी। सरगुजा अंचल की माताओं-बहनों ने अपनी दुआओं और आशीर्वाद से पिरोए जो धागे तैयार किए हैं, वे अब सरहद पर तैनात वीर सिपाहियों की कलाई पर सजने निकल पड़े हैं।
रविवार को अंबिकापुर सर्किट हाउस में आयोजित एक भावुक और गरिमामयी समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ के तहत रक्षा सूत्रों से सजे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
“यह सिर्फ रेशम का धागा नहीं, सरहद पर डटे भाइयों के लिए 3 करोड़ छत्तीसगढ़ियों का सुरक्षा कवच है”

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा:
“जब हम अपने घरों में बेफिक्र होकर त्योहार मनाते हैं, तब हमारे फौजी भाई अपने परिवार से हजारों मील दूर शून्य डिग्री तापमान में पहरा दे रहे होते हैं। यह रक्षा सूत्र महज एक धागा नहीं, बल्कि हर सैनिक को यह अहसास कराने का माध्यम है कि छत्तीसगढ़ की हर बहन उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है।”
उन्होंने कहा कि सरगुजा की बेटियों और स्काउट-गाइड के नन्हे हाथों से बने ये रक्षा सूत्र जब जवानों की कलाई पर बंधेंगे, तो उन्हें अपने घर-आंगन की खुशबू और बहनों की दुआओं की ताकत महसूस होगी।
बिलासपुर से शुरू हुआ कारवां अब बना जन-आंदोलन: इस बार 21 लाख का रिकॉर्ड लक्ष्य
पूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष व अभियान के मुख्य संयोजक श्री महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने बताया कि यह अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है:
| वर्ष | चरण | भेजे गए रक्षा सूत्र |
| 2023 | चरण 1 | 6 लाख 71 हजार |
| 2024 | चरण 2 | 9 लाख |
| 2025 | चरण 3 | 12 लाख 21 हजार |
| 2026 (वर्तमान) | ऑपरेशन 0.4 | 21 लाख (लक्ष्य) |
इस वर्ष थल सेना के साथ-साथ जल और नभ (वायु सेना) के जांबाजों तक भी यह नेह का पैगाम पहुंचाया जाएगा।

जशपुर और रांची होते हुए देश के आखिरी मोर्चे तक पहुंचेगी नेह-गाड़ी
अंबिकापुर से निकली यह विशेष वाहन रैली जशपुर होते हुए रांची पहुंचेगी, जहां से डाक, विशेष दूतों और सैन्य माध्यमों से देश के अलग-अलग दुर्गम मोर्चों (सियाचिन, लद्दाख, जैसलमेर से लेकर अरुणाचल तक) पर तैनात जवानों तक राखियां पहुंचाई जाएंगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, पूर्व सांसद श्री कमलभान सिंह, श्री किसन सिंह, श्री भारत सिंह सिसौदिया, श्री विनोद हर्ष, श्रीमती अरुणा सिंह, पूर्व सैनिक महासभा के जांबाज पदाधिकारी, स्काउट-गाइड की छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे माहौल में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से देशभक्ति का रंग घुल गया।












































