
पिलखाभूमि प्रतापपुर (सूरजपुर)
11 अप्रैल 2026सूरजपुर जिला: एक तरफ हम आधुनिक भारत और समानता की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रतापपुर में असामाजिक तत्वों ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के चित्र पर सफेद पेंट फेरकर अपनी तुच्छ मानसिकता का परिचय दिया है। स्वामी आत्मानंद स्कूल की दीवार पर हुआ यह कृत्य महज एक ‘शरारत’ नहीं, बल्कि देश के संविधान और करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है।

प्रशासन के ‘इम्तिहान’ की घड़ी: NSUI ने घेरा एसडीएम दफ्तर
इस कायराना हरकत के खिलाफ NSUI ब्लॉक अध्यक्ष विनय चौधरी के नेतृत्व में युवाओं का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूटा। एसडीएम कार्यालय का घेराव कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए विनय चौधरी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा— “सत्ता के नशे में चूर या नफरत से भरे लोग यह जान लें कि बाबा साहेब का अपमान इस देश का युवा बर्दाश्त नहीं करेगा।”
48 घंटे का ‘अल्टीमेटम’… फिर होगा आर-पार का संग्राम!
विनय चौधरी ने प्रशासन को आखिरी चेतावनी देते हुए माहौल गरमा दिया है। उनकी मांगें स्पष्ट और कड़क हैं:

अविलंब गिरफ्तारी: अंधेरे का फायदा उठाकर महापुरुष का अपमान करने वाले गद्दारों को 48 घंटे में सलाखों के पीछे भेजा जाए।
सम्मान की बहाली: चित्र को ससम्मान उसी स्थान पर पूरी भव्यता के साथ पुनः स्थापित किया जाए।
चेतावनी: “अगर 2 दिन में न्याय नहीं हुआ, तो प्रतापपुर की हर सड़क जाम होगी। चक्का जाम और उग्र आंदोलन की गूँज जिला मुख्यालय तक सुनाई देगी, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन की होगी।”
ये रहे संघर्ष के साथी:
इस विरोध प्रदर्शन में विनय चौधरी के साथ जिला महासचिव तनवीर अहमद, कमलेश रवि, राजा हसन, संतोष, डिकलेश कुमार सांडिल्य, दीपक, रितेश, बिक्रम, गोलू राजवाड़े, मोहरलाल, राहुल सिंह, सूरज पैकरा, अभय सिंह, अनूप वर्मा, धीरज गुप्ता, प्रकाश पैकरा और राकेश बघेल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता हुंकार भरते नजर आए।

संपादकीय टिप्पणी:
डॉ. आंबेडकर किसी एक दल या जाति के नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के गौरव हैं। उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों पर अगर तत्काल रासुका जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह प्रशासन की सबसे बड़ी विफलता मानी जाएगी।







