
पिलखाभूमि/ बिश्रामपुर: कोयलांचल नगरी बिश्रामपुर के वार्ड क्रमांक 12 में इन दिनों सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह लगे कचरे के ढेर और उससे उठ रही असहनीय दुर्गंध से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। बावजूद इसके, नगर पंचायत की कार्यप्रणाली उदासीन बनी हुई है, जिससे वार्डवासियों में भारी आक्रोश है।बीमारियों की चपेट में इलाका, लापरवाह बना प्रशासनवार्ड के निवासियों का कहना है कि कचरे का उठाव न होने के कारण इलाके में मच्छरों और मक्खियों का आतंक बढ़ गया है।

खुले में सड़ रहे कचरे को आवारा पशु खा रहे हैं, जिससे न केवल संक्रमण फैलने का डर है, बल्कि इन बेजुबान जानवरों के भी बीमार होने की आशंका बनी हुई है। निवासियों ने आरोप लगाया है कि सफाई के लिए निविदा (टेंडर) जारी होने के बाद भी धरातल पर काम न के बराबर है।”चुनाव के वादे निकले खोखले”वार्डवासियों का कहना है कि चुनावी दौर में जनप्रतिनिधियों ने ‘स्वच्छ और सुंदर वार्ड’ बनाने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जीत के बाद वे जनता की समस्याओं को पूरी तरह भूल गए हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते वार्ड की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।आंदोलन की चेतावनीलगातार शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस पर कब तक संज्ञान लेता है और वार्ड की स्वच्छता सुनिश्चित करता है।







