
पिलखाभूमि /जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ-तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक अभियान छेड़ दिया है। जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने खुद कमान संभालते हुए नारायणपुर के दुर्गम जंगलों में दस्तक दी और तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
डीआईजी की सीधी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’रविवार को डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह 50 से अधिक पुलिस जवानों की टीम के साथ सीधे नारायणपुर के किनकेल, खरवाटोली और पाकरकुंदर के उन रास्तों पर पहुँचे, जिनका इस्तेमाल तस्कर अक्सर करते हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक पहाड़ियों और जंगलों के बीच पैदल गश्त करते देख तस्करों में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने इन रास्तों की घेराबंदी कर इन्हें पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है और कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।’पुलिस मितान’ से मजबूत होगी सुरक्षापुलिस ने अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एक नया ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है।

इन इलाकों में ‘पुलिस मितान टीम’ का गठन किया गया है।
ये टीमें अब क्षेत्र की आँखों और कानों की तरह काम करेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पल-पल की जानकारी पुलिस को देंगी।कवर्धा मॉडल का जशपुर में होगा आगाज़डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने यहाँ के युवाओं को एक बड़ी उम्मीद दी है।
उन्होंने घोषणा की है कि कवर्धा में अपनी पोस्टिंग के दौरान सफल रहे ‘पुलिस एकेडमी’ मॉडल को अब जशपुर में भी लागू किया जाएगा।

उद्देश्य: सुदूर अंचल के युवाओं को सेना, बीएसएफ, आईटीबीपी और पुलिस भर्ती की निशुल्क तैयारी कराना।लक्ष्य: युवाओं को नशे और अपराध से दूर कर उन्हें रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ना।संवाद से बढ़ा पुलिस-पब्लिक का भरोसाकेवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ के जरिए ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद भी हुआ। अधिकारियों ने ग्रामीणों से नशा मुक्ति, बच्चों की शिक्षा और यातायात नियमों पर चर्चा की।

ग्रामीणों ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का वादा किया।डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह का संदेश: “गौ-तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तस्करों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी, वहीं जिले के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के लिए जशपुर पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।”







