
पिलखाभूमि/कोरिया जिले के जंगलों में महुआ शराब का अवैध कारोबार करने वालों के लिए अब छिपना नामुमकिन हो गया है। आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम ने तकनीक का सहारा लेकर एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। ड्रोन कैमरों की मदद से कैसे पकड़े गए शराब माफिया? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।”

“कोरिया जिले के फाटपानी और गदबदी के घने जंगलों में लंबे समय से अवैध महुआ शराब के निर्माण और सप्लाई की खबरें आ रही थीं। दुर्गम इलाका होने के कारण आरोपी अक्सर पुलिस की नजरों से बचकर भाग निकलते थे। लेकिन इस बार संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा की टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी।”
”असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट एक्साइज ऑफिसर रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने पारंपरिक तरीकों से हटकर ‘ड्रोन तकनीक’ का इस्तेमाल किया। ड्रोन की मदद से जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई और जैसे ही आरोपियों के ठिकानों की पुष्टि हुई, टीम ने घेराबंदी कर ली।”
”कार्रवाई में मुख्य सप्लायर नीलकमल सिंह (नीलू) और संतोष बरगाह को रंगे हाथों पकड़ा गया। मौके से 55 लीटर महुआ शराब, 25 लीटर शराब संतोष के पास से, और कुल 3500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया है। दोनों आरोपियों को आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया है।”

“इस पूरी कार्रवाई में आबकारी टीम के अन्य अधिकारियों और सैनिकों का विशेष योगदान रहा। ड्रोन तकनीक के सफल उपयोग ने साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी दुर्गम क्षेत्र में हो, तकनीक के जरिए अपराधियों तक पहुँचना अब आसान हो गया है। प्रशासन की इस सख्ती से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।”





