
साइबर क्राइम रिपोर्टर – मुकेश निराला
पिलखाभूमि अम्बिकापुर/गांधीनगर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में साइबर ठगी से अर्जित काली कमाई को ठिकाने लगाने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (IPS) के कड़े रुख के बाद थाना गांधीनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ठगी की रकम को खपाने के लिए भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे।

दोस्ती की आड़ में रची ठगी की साजिश
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब गांधीनगर निवासी शौर्य प्रताप साकिन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी के मुताबिक, उसका पुराना परिचित ऋत्विक सिंह, जो दूध डेयरी और चाय दुकान चलाता था, उसने झांसा देकर प्रार्थी का बैंक खाता इस्तेमाल किया। ऋत्विक ने डेयरी की रकम बताने के बहाने प्रार्थी के खाते में ₹48,500 मंगवाए और एटीएम के जरिए निकाल लिए। कुछ दिनों बाद जब प्रार्थी का खाता होल्ड हुआ, तब उसे पता चला कि उसके खाते का उपयोग साइबर अपराध की रकम के लेन-देन के लिए किया गया है।
बैंक खातों की ‘खरीद-बिक्री’ का काला कारोबार
पुलिस की सघन जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी ऋत्विक सिंह अपने साथी अमन गुप्ता के साथ मिलकर ठगी की रकम के ट्रांजैक्शन के लिए बैंक खातों और सिम कार्ड की खरीद-बिक्री का काम करते थे। जांच के दौरान तीसरे आरोपी पियुष तिवारी का नाम भी सामने आया, जिसके खाते में कई ऑनलाइन शिकायतों की राशि ट्रांसफर होना पाया गया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
ऋत्विक सिंह (25 वर्ष): निवासी गांधीनगर, अम्बिकापुर।
अमन कुमार गुप्ता (24 वर्ष): निवासी देवीगंज रोड, अम्बिकापुर।
पियुष तिवारी (25 वर्ष): निवासी सत्तीपारा, अम्बिकापुर।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें बैंक खातों और अवैध लेनदेन का भारी डेटा मिला है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 168/26 बी.एन.एस. (BNS) की धारा 318(4),3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
टीम गांधीनगर की सक्रियता:
इस पूरी कार्रवाई में थाना गांधीनगर के उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा और आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, लालदेव, अशोक यादव समेत पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
अपील: पिलखा भूमि अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी परिचित या अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल सिम इस्तेमाल के लिए न दें। आपकी यह उदारता आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट: पिलखाभूमि न्यूज़






