
पिलखाभूमि सूरजपुर
प्रतापपुर। शासकीय कालीदास महाविद्यालय प्रतापपुर में व्याप्त जर्जर भवन, टूटी बाउंड्रीवाल, खराब शौचालय एवं पेयजल की समस्या को लेकर एनएसयूआई के पदाधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं ने जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। यह ज्ञापन कलेक्टर सूरजपुर के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रतापपुर के माध्यम से सौंपा गया।एनएसयूआई नेताओं ने बताया कि विकासखंड प्रतापपुर का एकमात्र शासकीय कालीदास महाविद्यालय लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रहा है।
महाविद्यालय भवन जर्जर हो चुका है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान असुविधा के साथ-साथ सुरक्षा का खतरा भी बना हुआ है। कई स्थानों पर भवन क्षतिग्रस्त है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।महाविद्यालय परिसर की बाउंड्रीवाल भी कई जगहों से टूटी हुई है, जिसके कारण असामाजिक तत्वों का लगातार आवागमन बना रहता है। इससे महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा महाविद्यालय में स्थित शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब एवं अस्वच्छ बताई गई है, जहां नियमित साफ-सफाई नहीं होने से छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गर्मी के मौसम को देखते हुए एनएसयूआई ने पेयजल की समुचित व्यवस्था की मांग भी उठाई है। छात्रों का कहना है कि महाविद्यालय में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें बाहर से पानी लाना पड़ता है, जो गर्मी में बड़ी समस्या बन जाती है।एनएसयूआई ने प्रशासन से निम्न मांगें रखी—
• जर्जर महाविद्यालय भवन का शीघ्र मरम्मत कार्य कराया जाए।• टूटी हुई बाउंड्रीवाल की मरम्मत एवं निर्माण कराया जाए।
• शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और सुधार किया जाए।•
छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए।एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष विनय कुमार चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान एनएसयूआई जिला महासचिव तनवीर अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष (शहरी) रिजवान , अंजली आयम, राजा हसन, कमलेश रवि, नीता बघेल, दीपक, गोलू राजवाड़े, राहुल सिंह, बिट्टू कुमार, रितेश लकड़ा, राजन काशी, अभय सिंह, प्रकाश पैकरा एवं आयान,अमानत अंसारी सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष विनय कुमार चौधरी ने कहा कि महाविद्यालय में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि 7 दिवस के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो एनएसयूआई छात्र हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।








