
पिलखाभूमि, सूरजपुर (अफ़रोज़ खान)
बिश्रामपुर क्षेत्र की उस हृदय विदारक घटना ने अंततः पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है, जिसकी दुआ पूरा प्रदेश कर रहा था। आग से गंभीर रूप से झुलसी 17 वर्षीय मासूम मोनिका सिंह ने रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों की हर संभव कोशिश और प्रार्थनाएं उस मासूम को मौत के मुंह से खींचकर नहीं ला सकीं।

हैवानियत की भेंट चढ़ी होनहार छात्रा
सूत्रों के अनुसार, इस जघन्य और रूह कंपा देने वाली घटना के पीछे रामनगर निवासी भूपेंद्र का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि आरोपी ने कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर मोनिका को जिंदा जलाने की कोशिश की थी। मोनिका न केवल पढ़ाई-लिखाई में अव्वल थी, बल्कि अपने परिवार के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद भी थी। इस निर्मम हत्या की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और न्याय की मांग तेज हो गई है।
अस्पताल पहुँचीं मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, एसपी को दिए कड़े निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश की कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े तुरंत रायपुर के अस्पताल पहुँचीं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया। मंत्री ने तत्काल सूरजपुर एसपी से फोन पर चर्चा कर निर्देशित किया है कि मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और अपराधी को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन सके।
पूरे क्षेत्र में मातम, उठ रहे हैं सुरक्षा पर सवाल
मोनिका की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार की दुनिया को उजाड़ दिया है। समाज को झकझोर देने वाली इस घटना ने बेटियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई और उस न्याय पर टिकी हैं, जिसका इंतजार पूरा सूरजपुर जिला कर रहा है।
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