
शातिर चालें भी काम न आईं: राहगीरों से फोन मांगकर चला रहा था खेल, बैंक अकाउंट फ्रीज होते ही बिगड़ी रंगबाज़ी!
10 दिन, 5 शहर और अंततः सरगुजा पुलिस की सबसे बड़ी स्ट्राइक—जानिए कैसे पकड़ा गया 12 बोर बंदूक रखने वाला आरोपी?
अम्बिकापुर (पिलखा भूमि ब्यूरो)। नाबालिग के साथ दरिंदगी का घिनौना खेल… फिर रातों-रात ताला जड़कर गायब होने की चाल… और 10 दिनों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने का हाई-वोल्टेज ड्रामा! लेकिन कानून के लंबे हाथ जब सरगुजा पुलिस के इरादों के साथ मिले, तो 5 हजार के इनामी आरोपी का यह सारा नकाब एक ही झटके में उतर गया।
अंबिकापुर का 51 साल का यह रसूखदार आरोपी खुद को ‘दिमागदार’ समझकर पुलिस से लुका-छिपी खेल रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि डीआईजी व एसएसपी राजेश अग्रवाल की गठित स्पेशल टीमें उसका ऐसा ‘डेथ-ट्रैप’ बिछा रही हैं, जहां से बचना नामुमकिन था।

देवघर, वासुकीनाथ से पुरी तक भटका… राहगीरों से फोन मांगकर फैलाया जाल!

मामला कोतवाली थाना का है (अपराध क्रमांक-504/2026, बीएनएस व पॉक्सो एक्ट)। जब चोपड़ापारा के वसुंधरा हाईट (फ्लैट 207) और भफौली स्थित घरों में सन्नाटा मिला, तो पुलिस ने तकनीकी और जमीनी चक्रव्यूह रचा। आरोपी इतना शातिर था कि उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया और रास्ते में बेखबर राहगीरों से मोबाइल मांग-मांगकर अपने करीबियों को कॉल करता रहा।

वह देवघर, वासुकीनाथ, पुरी और रांची के धार्मिक स्थलों में पनाह मांगता फिरा। पर जैसे ही सरगुजा पुलिस ने उसका बैंक अकाउंट फ्रीज किया और गाड़ियो की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली, आरोपी के पास भागने का हर रास्ता बंद हो गया।

घर से 12 बोर बंदूक जप्त, पटना में ऐसे हुआ ‘द एंड’लाइसेंस निरस्त होते ही पुलिस की टीम ने आरोपी के घर से उसकी 12 बोर की डीबीबीएल बंदूक मय लाइसेंस पहले ही जप्त कर ली थी। अब बारी थी खुद तरुण जायसवाल को घसीटकर लाने की।

10 दिनों तक लगातार ट्रैक कर रही स्पेशल टीम ने बिहार पुलिस के साथ ऐसा गुप्त ऑपरेशन चलाया कि पटना में बैठा आरोपी सोच भी नहीं पाया और उसके हाथों में हथकड़ी कस दी गई। पटना कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलते ही पुलिस अब उसे खींचते हुए अंबिकापुर ला रही है।अग्रिम विवेचना जारी है, पर सवाल यह है कि इस घिनौने खेल में क्या किसी और का भी हाथ था? पुलिस की अगली कार्रवाई का बड़ा अपडेट जल्द सिर्फ ‘पिलखा भूमि’ पर!











