
पिलखाभूमि अम्बिकापुर/सरगुजा : 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने जशपुर जिला मुख्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और मंच से विकास के बड़े-बड़े कसीदे पढ़े।
लेकिन जैसे ही स्वतंत्रता दिवस के औपचारिक कार्यक्रम खत्म हुए, सरगुजा की जनता के बीच एक ही सवाल गूंजने लगा — देश को आज़ादी मिले 80 साल हो गए, लेकिन सरगुजा की जनता को मंत्री राजेश अग्रवाल जी के ’12 महीने वाले बारिश के बहानों’ और जानलेवा गड्ढों से आज़ादी कब मिलेगी?
जशपुर के मंच से ‘विकास के भाषण’, इधर सरगुजा की सड़कों पर तैरती रही बहानों की पोल!
‘पिलखा भूमि’ के खुलासे से घबराकर मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने हाल ही में दूसरे चैनलों को बुलाकर जो सफाई दी थी कि “बारिश में काम नहीं होता, बरसात के बाद शुरू होगा और 20 साल तक चकाचक सड़क मिलेगी”, उस पर 15 अगस्त के पावन पर्व पर भी सरगुजा के चौक-चौराहों पर तीखा तंज कसा गया।

सरगुजा की जनता अब चुटकी लेते हुए पूछ रही है कि मंत्री जी सरगुजा की बदहाल सड़कों के तीखे सवालों से बचकर भले ही जशपुर में तिरंगा फहराने चले गए हों, लेकिन सरगुजा की जनता उनके घिसे-पिटे बहानों को भूली नहीं है। जब 8 महीने पहले सूखा मौसम था, तब ऑन-कैमरा 3 से 4 महीने में सड़कों को ‘मक्खन’ बनाने का दावा ठोकने वाले मंत्रीजी आज तक 5 किलोमीटर सड़क पर एक पक्की डामर की परत नहीं चढ़वा पाए!

आज़ादी के पर्व पर सरगुजा की जनता के 3 सीधे और चुभते सवाल:
गड्ढों और जहरीली धूल से आज़ादी कब? — 8 महीने पहले ₹61.34 करोड़ के फोरलेन का जो पोस्टर सोशल मीडिया पर चिपकाया गया था, वह आज़ादी के 79वें वर्ष में भी सिर्फ फाइलों और विज्ञापनों में ही क्यों कैद है?
’20 साल की गारंटी’ का नया शगूफा किसके लिए? — जो मंत्री 1 साल से हर बार “बारिश खत्म होने दीजिए” का रटा-रटाया डायलॉग सुना रहे हैं, क्या उनके इस नए 20 साल वाले हवा-हवाई वादे पर जनता आँख बंद करके भरोसा कर ले?
अस्थायी लीपापोती की नौटंकी कब बंद होगी? — वीआईपी दौरों के नाम पर जो गिट्टी-डामर की घटिया लीपापोती (पैचवर्क) कराई जाएगी, क्या वह पहली ही तेज बारिश में बहकर जनता के टैक्स के पैसों की खुली बर्बादी साबित नहीं होगी?

मंच के भाषणों से नहीं, जब तक धरातल पर काम नहीं तब तक जारी रहेगा पर्दाफ़ाश!
‘पिलखा भूमि’ मंत्री राजेश अग्रवाल जी को साफ शब्दों में आगाह करता है कि स्वतंत्रता दिवस पर मंचों से औपचारिक भाषण झाड़ देने से सरगुजा के आम नागरिकों, व्यापारियों और एम्बुलेंस में तड़पते मरीजों की तकलीफें खत्म नहीं होंगी।

अगर गांधी चौक से रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्वीकृत ₹61.34 करोड़ के फोरलेन निर्माण के साथ-साथ दरीमा रोड, बनारस रोड, मनेंद्रगढ़ रोड, रायगढ़ रोड, बिलासपुर रोड और सरगुजा संभाग की तमाम स्वीकृत बदहाल सड़कों का पक्का डामरीकरण धरातल पर तुरंत शुरू नहीं हुआ, तो मंत्रीजी के एक-एक खोखले वादे की धज्जियाँ इसी कड़क अंदाज़ में उड़ती रहेंगी!

संपादकीय डिस्क्लेमर (Editorial Disclaimer)
: यह समाचार रिपोर्ट स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधि (मंत्री राजेश अग्रवाल) द्वारा दिए गए सार्वजनिक वक्तव्यों, विगत बयानों एवं सरगुजा संभाग की धरातलीय बुनियादी सड़क सुविधाओं के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत निष्पक्ष पत्रकारिता एवं लोकहित (Public Interest) में जनता के टैक्स के पैसों की प्रशासनिक जवाबदेही तय करने हेतु यह समीक्षा प्रकाशित की गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत साख को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि जन-सुविधाओं के प्रति जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन को सचेत करना है। संबंधित जनप्रतिनिधि इस पर अपना आधिकारिक पक्ष रखने के लिए आमंत्रित हैं।












































