
सरगुजा / पिलखा भूमि एक्सक्लूसिव (सीरीज़ – भाग 2)
‘पिलखा भूमि’ द्वारा मंत्री राजेश अग्रवाल के 8 महीने पुराने ऑन-कैमरा वादों और ₹61.34 करोड़ के ‘फेसबुकिया ढिंढोरे’ का पर्दाफ़ाश किए जाने के बाद सत्ता के शीर्ष गलियारों में भारी खलबली मच गई है। अपनी किरकिरी होती देख आखिरकार मंत्री राजेश अग्रवाल जी को मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई पेश करनी पड़ी।
लेकिन हैरानी और मजे की बात देखिए—’पिलखा भूमि’ के तीखे और कड़वे सवालों का सीधे सामना करने के बजाय मंत्री जी ने ‘पिलखा भूमि’ को दरकिनार कर दूसरे मीडिया चैनलों को बुलाकर अपनी सफाई की लीपापोती कराई!
इसके बावजूद, दूसरे चैनलों के कैमरों के सामने भी मंत्री जी ने जनता का दर्द बांटने या अपनी नाकामी स्वीकार करने के बजाय सरगुजा की जनता को बेवकूफ बनाने का वही पुराना घिसा-पिटा पैंतरा इस्तेमाल किया!
मंत्रीजी का नया ‘मौसम विज्ञान’: क्या सरगुजा में पूरे 12 महीने ही सिर्फ ‘बारिश’ होती है?
अन्य मीडिया माध्यमों के सामने बयान देते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने बड़े ही मासूमियत भरे अंदाज़ में नया बहाना गढ़ा:
“दरीमा रोड, अग्रसेन चौक, महामाया चौक, गांधी चौक से स्टेशन तक का टेंडर हो चुका है। बारिश में सड़कों का काम शुरू नहीं होता… बरसात के बाद टेंडर का काम शुरू होगा तो अगले साल तक समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन एक बड़ी समस्या यह है कि ऊपर से पानी बहुत आता है और जल निकास की दिक्कत है…”

‘पिलखा भूमि’ का सीधे मंत्री जी से चुभता सवाल:
माननीय मंत्री जी, दूसरे चैनलों के सामने भले ही आप गोलमोल जवाब देकर निकल गए हों, लेकिन सरगुजा की जनता अब आपसे सीधे पूछ रही है—क्या आपकी नज़र में कैलेंडर के पूरे 12 महीने ही ‘बारिश का मौसम’ रहता है?
1 साल पहले भी जब शहर की सड़कें नर्क बनी थीं, तब भी मीडिया के सामने आपका यही रटा-रटाया बयान आया था कि “बारिश खत्म होने दीजिए, काम शुरू हो जाएगा!” 8 महीने पहले जब सूखा मौसम था, तब आपने Clipper28 पर ऑन-कैमरा बड़े दंभ से कहा था कि “3 से 4 महीने में 100% सड़कें मक्खन बन जाएंगी!”

अब जब 8 महीने में धरातल पर एक गिट्टी तक नहीं पड़ी, तो अचानक आपको “बारिश की मजबूरी” और “घरों के कारण पानी निकास की समस्या” याद आ गई? सूखे के 8-9 महीनों में जब मौसम साफ था, तब क्या मंत्री जी का तंत्र केवल कागजी विज्ञापनों में मस्त था?
कब तक सरगुजा की जनता को बेवकूफ बनाएंगे मंत्रीजी?
यह पहला मौका नहीं है जब मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने जनता को बहानों का झुनझुना थमाया हो। हर बार जब बदहाल सड़कों पर जनआक्रोश भड़कता है, तो मंत्री जी एक नया बयान जारी कर देते हैं:

- पिछली बार का वादा: “3-4 महीने में 100% सड़क सुधार और ₹61.34 करोड़ का फोरलेन!” (जो 8 महीने बाद भी धरातल पर शून्य निकला)।
- इस बार की नई हवा-हवाई गारंटी: “20 वर्षों तक शहर की जनता को मिलेगी चकाचक सड़क!”
अन्य चैनलों के सामने मंत्री जी ने फिर बड़ा दावा ठोकते हुए कहा:
“पिछले 4-5 वर्षों से उस रोड में काम नहीं हुआ था, लेकिन अब NHAI के द्वारा बड़ा टेंडर हुआ है। इस बार जो सड़क बनेगी, आने वाले 20 वर्षों तक शहर की जनता को चकाचक सड़क मिलेगी।”
‘पिलखा भूमि’ का तंज: 8 महीने पुराने वादे का हिसाब मांगो तो मंत्रीजी ’20 साल की चकाचक सड़क’ का नया डिजिटल सपना बेचने लगते हैं! जो मंत्री 8 महीने में 5 किलोमीटर सड़क पर एक डामर की परत नहीं चढ़वा पाए, वे आज जनता को 20 साल की हवा-हवाई गारंटी बाँट रहे हैं!
TL मीटिंग की ‘कड़ाई’ या जनता के आँखों में धूल झोंकने का पैंतरा?
मंत्री जी ने यह भी ढोल पीटा कि उन्होंने हाल ही में कलेक्टर और अफसरों की TL मीटिंग में ‘कड़ाई’ से निर्देश दिए हैं और ‘तत्काल मरम्मत’ चालू करा दी है।

लेकिन धरातल का कड़वा सच यह है कि इस ‘कड़ाई’ के नाम पर फिर वही गिट्टी-डामर की घटिया लीपापोती (पैचवर्क) कराई जाएगी, जो पहली ही गाड़ी गुजरने पर उखड़कर हवा में उड़ जाती है। मंत्री जी की यह ‘तत्काल व्यवस्था’ सिर्फ जनता के गुस्से को शांत करने और बजट की बंदरबांट करने का एक और प्रशासनिक नाटक बन चुकी है।
पिलखा भूमि के सीधे और बेबाक सवाल:
- माननीय मंत्री राजेश अग्रवाल जी से: ‘पिलखा भूमि’ के तीखे सवालों से बचने के लिए दूसरे चैनलों को बुलाकर सफाई देने से क्या सड़कों के गड्ढे भर जाएंगे? सरगुजा की जनता को कब तक बहानों की घुट्टी पिलाकर बेवकूफ बनाया जाएगा?
- मौसम वाले बहाने पर सवाल: 1 साल पहले का ‘बारिश का बहाना’ सच था, 8 महीने पहले का ‘100% सुधार का दावा’ सच था, या आज ’20 साल की गारंटी’ वाला बयान सच है? सूखे के महीनों में काम क्यों नहीं शुरू हुआ?
- जनता से सीधा सवाल: क्या हर साल ‘बारिश के बाद काम होगा’ का घिसा-पिटा डायलॉग सुनकर अब भी चुप रहना सही है?

बहानों का खेल खत्म, जब तक सड़क नहीं तब तक जारी रहेगा पर्दाफ़ाश!
‘पिलखा भूमि’ मंत्री राजेश अग्रवाल जी को स्पष्ट कर देना चाहता है कि कैमरों से भागने, दूसरे माध्यमों के ज़रिए बारिश का बहाना बनाने और 20 साल की ‘कागजी गारंटी’ देने से जनता के फेफड़ों में भर रहा जहर और गाड़ियों के टूटते सस्पेंशन ठीक नहीं होंगे।
अगर गांधी चौक से रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्वीकृत ₹61.34 करोड़ के फोरलेन निर्माण के साथ-साथ दरीमा रोड, बनारस रोड, मनेंद्रगढ़ रोड, रायगढ़ रोड, बिलासपुर रोड और सरगुजा संभाग की तमाम स्वीकृत सड़कों का पक्का डामरीकरण धरातल पर तुरंत शुरू नहीं हुआ, तो मंत्रीजी के एक-एक खोखले दावे की धज्जियाँ इसी कड़क अंदाज़ में उड़ती रहेंगी!

डिस्क्लेमर —
संपादकीय एवं डिस्क्लेमर (Editorial & Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट जनप्रतिनिधि (मंत्री राजेश अग्रवाल) द्वारा अन्य मीडिया माध्यमों के समक्ष दिए गए सार्वजनिक बयानों, विगत 1 वर्ष में किए गए बयानों एवं धरातलीय स्थिति के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत निष्पक्ष पत्रकारिता एवं जनता के टैक्स के पैसों की प्रशासनिक जवाबदेही तय करने हेतु यह रिपोर्ट तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत साख को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि जन-सुविधाओं के प्रति जनप्रतिनिधियों को सचेत करना है। संबंधित जनप्रतिनिधि इस पर अपना आधिकारिक पक्ष रखने के लिए आमंत्रित हैं। .









