
पखांजूर संवाददाता की (हमले) वाली खबर भ्रामक और असत्य; पिलखाभूमि संपादक ने किशोर बाला को पद से हटाया
पिलखाभूमि अम्बिकापुर/पखांजूर:पिलखाभूमि समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल अपने पाठकों और प्रशासन को सूचित करता है कि दिनांक 9 अप्रैल 2026 को प्रकाशित समाचार— “कांकेर @ पिलखाभूमि के संवाददाता पर जानलेवा हमला, बाल-बाल बचे पत्रकार किशोर बाला” —पूरी तरह से तथ्यों से परे और असत्य पाया गया है।

मामले का विवरण:
उक्त समाचार स्थानीय संवाददाता किशोर बाला द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया था। संपादक द्वारा की गई आंतरिक जांच और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमले की यह पूरी घटना मनगढ़ंत और भ्रामक प्रतीत होती है। संवाददाता द्वारा व्यक्तिगत कारणों या अन्य किसी मंशा से संस्थान को अंधेरे में रखकर यह गलत सूचना प्रसारित करवाई गई।

संपादक द्वारा कड़ी कार्रवाई:
पिलखाभूमि संस्थान पत्रकारिता के मूल्यों और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं करता है। इस गंभीर लापरवाही और संस्थान की छवि धूमिल करने के कारण निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
पदमुक्ति: संवाददाता किशोर बाला को तत्काल प्रभाव से पिलखाभूमि से निष्कासित कर दिया गया है। आज के बाद उनका इस संस्थान से कोई संबंध नहीं रहेगा।
पहचान पत्र अमान्य: किशोर बाला को जारी किया गया प्रेस कार्ड और नियुक्ति पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यदि वे इसका उपयोग करते पाए जाते हैं, तो वह अवैध माना जाएगा।
सार्वजनिक खेद: इस भ्रामक खबर से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और हमारे सुधी पाठकों को हुई असुविधा के लिए पिलखाभूमि संपादक गहरा खेद व्यक्त करता है।

संपादकीय टिप्पणी:
“हमारा संकल्प जनता तक केवल सच पहुँचाना है। यदि हमारे ही किसी प्रतिनिधि द्वारा गलत जानकारी दी जाती है, तो हम उसे स्वीकार करने और सुधारने का साहस रखते हैं। पिलखाभूमि अपनी साख और सत्यता के लिए प्रतिबद्ध है।”
विनीत,
मनीष वैध
प्रधान संपादक, पिलखाभूमि







