
पिलखाभूमि समाचार | सूरजपुर
8 मई, 2026: सूरजपुर की पावन धरा आज एक बार फिर सामाजिक समरसता की गवाह बनी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आज जिले के 100 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, वहीं पूरे प्रदेश में 1385 जोड़ियों का घर बसा। इस भव्य आयोजन में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपनी उपस्थिति से चार चांद लगा दिए।
शहनाइयों की गूंज और सुरजपुर का उल्लास
सुबह से ही सूरजपुर का वातावरण उत्सवमयी था। ढोल-नगाड़ों और शहनाई की धुन के बीच जब दूल्हों की बारात निकली, तो मानों पूरा जिला ही बाराती बन गया। मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ फेरे हुए। मंत्री राजवाड़े ने नवदंपत्तियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें सुखद जीवन का आशीर्वाद दिया और कहा— “आत्मनिर्भर महिला ही सशक्त परिवार की असली नींव है।”

बाल विवाह के खिलाफ हुंकार
समारोह में केवल विवाह ही नहीं हुआ, बल्कि समाज को नई दिशा देने की कोशिश भी दिखी। वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने उपस्थित जनसमुदाय को ‘बाल विवाह मुक्त सूरजपुर’ बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कम उम्र में विवाह बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे हमें रोकना होगा।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा लाभ
स्थानीय विधायक भूलन सिंह मरावी ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि शासन अंत्योदय के मंत्र पर काम कर रहा है। सरकार न केवल विवाह करा रही है, बल्कि 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर बेटियों को सशक्त भी बना रही है।

नम आंखों से विदाई, शासन को धन्यवाद
विदाई के समय माहौल भावुक हो गया। कई गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले होते देख माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और मंत्री राजवाड़े का आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उनके कंधों से बड़ा बोझ उतार दिया है।
पिलखा भूमि विशेष: हमारी बेटियां, हमारा अभिमान। सरकार के इस प्रयास से गरीब परिवारों के आंगन में भी खुशियों की शहनाई गूंज रही है।













