
सीतापुर / पिलखा भूमि:
रोजगार और ट्रेनिंग के नाम पर छत्तीसगढ़ के सीधे-साधे ग्रामीणों को बाहर भेजने और फिर उन्हें मुसीबत में डाल देने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र का है, जहाँ सिलाई मशीन ट्रेनिंग के नाम पर चेन्नई गई तीन स्थानीय लड़कियाँ—जगेश्वरी, राधा और प्रतीमा—वहाँ जाकर बुरी तरह फंस गई हैं।
हालात बिगड़ने पर जब उन्हें सुरक्षित वापसी का कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उन्होंने सीधे अपने क्षेत्र के माटी पुत्र और लोकप्रिय विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई।
खुद वीडियो कॉलिंग कर जाना हाल, बंधाया ढाँढस
मामले की जानकारी मिलते ही सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो तुरंत एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने बिना समय गंवाए सीधे चेन्नई में फंसी तीनों बेटियों से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात की। विधायक जी ने न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें सुरक्षित छत्तीसगढ़ वापस लाने का पूरा भरोसा भी दिया है। वीडियो कॉल पर विधायक को अपने सामने देख और उनकी बातें सुनकर डरी-सहमी लड़कियों की जान में जान आई।

जनता बोली- “सुख-दुख के सच्चे साथी हैं टोप्पो जी”ऐसे मामलों में यह कोई पहली बार नहीं है जब रामकुमार टोप्पो जी संकटमोचक बनकर खड़े हुए हैं। क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति चाहे देश के किसी भी कोने में फंसा हो, विधायक जी हमेशा आधी रात को भी मदद के लिए सक्रिय रहते हैं। उनके इस त्वरित एक्शन और संवेदनशीलता के लिए क्षेत्र की जनता उनका दिल से आभार जता रही है और कह रही है—”बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार विधायक जी!”
पिलखा भूमि का सवाल: कब थमेगा दलालों का यह खेल?
सिलाई मशीन सिखाने के बहाने बेटियों को इतनी दूर भेजकर लावारिस छोड़ देने वाले इन दलालों और फर्जी संस्थाओं पर अब नकेल कसना जरूरी हो गया है। देखना होगा कि प्रशासन इन पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, सीतापुर की इन तीन बेटियों की सुरक्षित घर वापसी के लिए विधायक जी की टीम लगातार प्रयास में जुट गई है।

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