
17 मार्च 2025 को सांसद ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष को खुद सौंपा था 5 सूत्रीय मांग पत्र; पिलखा भूमि के पास एक्सक्लूसिव दस्तावेज़, जानें अब क्या-क्या बदलेगा सरगुजा के रेल नेटवर्क में
अंबिकापुर (पिलखा भूमि ब्यूरो)
। सरगुजा संभाग के रेल यात्रियों के हित में एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ी खबर सामने आई है। क्षेत्र की जनता की लंबे समय से लंबित मांगों पर मुहर लगाते हुए रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने गाड़ी संख्या 22408/22407 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस के फेरे सप्ताह में एक दिन से बढ़ाकर दो दिन करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड के निदेशक (कोचिंग) संजय आर. नीलम द्वारा 19 जून 2026 को जारी इस परवाने (CC-177/2026) के बाद पूरे सरगुजा संभाग में हर्ष की लहर है।
सांसद के उस एक पत्र ने बदल दी सरगुजा रेलवे की तस्वीर
‘पिलखा भूमि’ के पास माननीय सांसद चिंतामणि महाराज द्वारा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार जी को लिखे गए उस मूल पत्र की प्रति मौजूद है, जिसे उन्होंने दिनांक 17.03.2025 (क्रमांक: CRB/LS/1703/036) को नई दिल्ली में सौंपा था। इस 5 सूत्रीय मांग पत्र में सांसद ने न सिर्फ दिल्ली ट्रेन के फेरे बढ़ाने की मांग की थी, बल्कि सरगुजा संभाग के पूरे रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा खाका तैयार कर पेश किया था। आज उसी आक्रामक पैरवी का नतीजा है कि रेलवे बोर्ड को झुकना पड़ा और सरगुजा को यह बड़ी सौगात मिली।
जानिए नए आदेश और सांसद के मांग पत्र के अनुसार अब क्या होगा असर:
दिल्ली एक्सप्रेस अब हफ्ते में 2 दिन: रेलवे के नए आदेश के मुताबिक, अब गाड़ी संख्या 22407 अंबिकापुर से प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को हजरत निजामुद्दीन के लिए रवाना होगी। वहीं गाड़ी संख्या 22408 हजरत निजामुद्दीन से प्रत्येक रविवार और मंगलवार को अंबिकापुर के लिए चलेगी।

रूट और कोच विस्तार पर चल रहा है विचार: सांसद ने अपने पत्र में विशेष मांग रखी थी कि ट्रेन के दूसरे फेरे का रूट मैहर, सतना, चित्रकूट, बांदा और कानपुर होकर दिल्ली तक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों को सीधा लाभ मिले। इसके साथ ही ट्रेन में पैंट्री कार जोड़ने, स्लीपर कोच की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करने और जनरल कोच प्रारंभ करने की मांग पर भी रेलवे की नीतिगत प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
विश्रामपुर व सूरजपुर स्टेशन का कायाकल्प: सांसद की मांग के अनुरूप विश्रामपुर और सूरजपुर रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने और उन्हें शेड से पूरी तरह कवर करने का कार्य स्वीकृत हो चुका है। विश्रामपुर में दिल्ली ट्रेन के ठहराव का भी प्रस्ताव पाइपलाइन में है।
नई रेल लाइनों का सर्वे कार्य पूरा: अंबिकापुर-कोरबा रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूर्ण कर डीपीआर तैयार की जा रही है। वहीं, अंबिकापुर-बरवाडीह सिंगल लाइन का सर्वे कार्य पूरा कर उसकी सर्वे डीपीआर भी रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है।

अंबिकापुर स्टेशन पर आधुनिक सुविधाएं: स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म निर्माण का कार्य आदेश जारी हो चुका है। साथ ही यात्रियों के लिए 6 मीटर चौड़ा नया फुटओवर ब्रिज (FOB) बनेगा और डिजिटल कोच डिस्प्ले लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया प्रगति पर है।
इसके अलावा, क्षेत्र में कुछ अन्य मांगों जैसे कि नागपुर-शहडोल एक्सप्रेस का अंबिकापुर तक विस्तार, दुर्ग एक्सप्रेस का समय परिवर्तन और अनूपपुर-अंबिकापुर मेमु ट्रेन के समय में बदलाव को लेकर रेलवे बोर्ड ने नीतिगत और परिचालन संबंधी कारणों से वर्तमान में असमर्थता जताई है। हालांकि, दिल्ली ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ना और स्टेशन के आधुनिकरण को सरगुजा के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
पिलखा भूमि की बेबाक टिप्पणी (संपादकीय दृष्टिकोण)
“यह सरगुजा के जनमानस की एक बहुत बड़ी जीत है। सांसद चिंतामणि महाराज का दिनांक 17 मार्च 2025 का वह पत्र इस बात का गवाह है कि अगर जनप्रतिनिधि केवल कोरे आश्वासन देने के बजाय सीधे रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की मेज पर कड़े और तार्किक तथ्यों के साथ पैरवी करें, तो दिल्ली को फैसला लेना ही पड़ता है। हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाना और स्टेशनों पर विकास कार्य शुरू होना एक सराहनीय कदम है।”

“लेकिन ‘पिलखा भूमि’ यहाँ यह भी याद दिलाना चाहता है कि सांसद महोदय के पत्र की अभी भी कुछ बेहद महत्वपूर्ण मांगें अधूरी हैं, जैसे कि शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस का अंबिकापुर तक विस्तार करना और सुबह के समय बिलासपुर-रायपुर के लिए इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाना। रेलवे बोर्ड ने इन्हें परिचालन कारणों से फिलहाल टाल दिया है। हमारी पैनी नज़र इन मांगों पर भी बनी रहेगी। इसके अलावा, जब तक कागजी सर्वे के घेरे से बाहर निकलकर अंबिकापुर-बरवाडीह और अंबिकापुर-कोरबा रेल लाइन धरातल पर धक-धक करती हुई नहीं दौड़ती, तब तक सरगुजा की जनता का संघर्ष थमेगा नहीं। सांसद जी, दिल्ली से आधा हक मिल गया है, अब बाकी आधे हक के लिए भी लड़ाई जारी रखनी होगी!”













