
पिलखाभूमि सूरजपुर / चन्द्रमेढ़ा: सूरजपुर जिले के ग्राम चन्द्रमेढ़ा में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ जमीन के एक छोटे से हिस्से के लिए सगे बड़े भाई और भाभी ने मिलकर अपने ही भाई की जान ले ली। चौकी चेंद्रा पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए हत्यारे पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बंटवारे का विवाद और खूनी हमला
जानकारी के अनुसार, मृतक महेन्द्र टोप्पो और उसके बड़े भाई धर्मदेव टोप्पो के बीच लंबे समय से जमीन के हिस्सा बंटवारे को लेकर अनबन चल रही थी। बीती 17 अप्रैल को विवाद इतना बढ़ गया कि धर्मदेव और उसकी पत्नी सुषमा स्वराज टोप्पो ने आपा खो दिया और महेंद्र पर ईंट से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में तोड़ा दम, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा
घायल महेंद्र का इलाज भैयाथान, सूरजपुर और फिर अंबिकापुर के संकल्प अस्पताल में हफ्तों तक चला। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और 08 मई की सुबह उसकी मृत्यु हो गई। मामले में नया मोड़ तब आया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने महेंद्र की मौत को ‘हत्यात्मक प्रकृति’ का करार दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं (103(1) BNS) जोड़कर जांच तेज की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में चेंद्रा चौकी प्रभारी केश्वर मरावी व उनकी टीम ने घेराबंदी कर आरोपी भाई धर्मदेव टोप्पो (60 वर्ष) और उसकी पत्नी सुषमा (43 वर्ष) को पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई ईंट भी बरामद कर ली है।

इस टीम ने निभाई जिम्मेदारी
कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, लालमन राजवाड़े, आरक्षक कमलेश्वर सिंह, दीपक खलखो, मनोज जायसवाल, जगत पैंकरा और महिला आरक्षक आशा लकड़ा सक्रिय रहे।
पिलखा भूमि संदेश: समाज में बढ़ता जमीन का लालच आज रिश्तों पर भारी पड़ रहा है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या चंद गज जमीन की कीमत एक इंसान की जान से बढ़कर है?














