
विशेष आलेख: श्रीमती पूजा वैध
सूरजपुर:जब मनखे ऊपर मुसीबत के पहाड़ टूटथे, तब ओला कोनो लंबा-चौड़ा भाषण नई, बल्कि सहारा के जरूरत होथे। सूरजपुर के कल्याणपुर में हाथी के हमला ले जऊन दुखद घटना होइस, ओमा हमर जिला के बेटी अउ प्रदेश के मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ह सिद्ध कर दीन कि वो ह सिरिफ नेता नई, बल्कि ए माटी के पहरेदार घलो हें।
मंत्री जी ह ‘सुशासन’ के अइसन मिसाल पेश करिन कि मुआवजा बर अब ग्रामीण मन ल दफ्तर के चक्कर काटे बर नई लागिस। ओमन साफ कह दीन— “मोर सूरजपुर के मनखे मन के आंसू पोंछे में कोनो देरी नई होना चाहिये।”

रिकॉर्ड समय में ‘न्याय’: सीधा खाता में खनखनाइस पइसा
सूरजपुर वन मंडल के इतिहास में अइसन कम ही देख जाथे कि वित्तीय बछर शुरू होते ही एतका तेजी ले कार्रवाई होइस। मंत्री जी के कड़ा तेवर के नतीजा हे कि:
श्रीमती कांति भोई अउ श्रीमती राजेश्वरी सिंह श्याम के बैंक खाता में 5-5 लाख 50 हजार रूपया के भारी-भरकम राशि पहुंच गे हे।
ए पइसा कोनो भीख नई, बल्कि शासन डाहर ले पीड़ित परिवार मन बर एक मजबूत ‘सहारा’ आय।
DBT (सीधा खाता में ट्रांसफर) के माध्यम ले पइसा भेज के बिचौलिया मन के घलो रद्दा बंद कर दे गे हे।

“जनता के पीरा ह मोर पीरा आय”
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी ह बड़े भावुक मन ले कहिन— “हाथी अउ मनखे के ये लड़ई बड़ दुखद हे। हमन जान त नई लौटा सकन, फेर संकट के ए बेरा में शासन हर कदम में परिवार के संग खड़ा हे। सूरजपुर के हर नागरिक मोर परिवार के सदस्य आय।”
पूजा वैध के कलम ले:आज सूरजपुर प्रशासन के ए मुस्तैदी देख के जनता के भरोसा सरकार ऊपर अउ बढ़ गे हे। हाथी-मानव द्वंद्व एक बड़े चुनौती जरूर हे, फेर जब मंत्री अउ प्रशासन मन लगा के काम करथे, त जनता ल अइसने “त्वरित न्याय” मिलथे। सूरजपुर के गांव-गांव में आज मंत्री जी के ए संवेदनशीलता के चर्चा होवत हे।
लेखक: श्रीमती पूजा वैध













