
पिलखाभूमि अम्बिकापुर (गांधीनगर) | सरगुजा पुलिस ने साइबर अपराध की दुनिया में पैसा खपाने वाले एक बड़े रैकेट को ध्वस्त किया है। गांधीनगर पुलिस ने जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन खातों का उपयोग देशव्यापी ऑनलाइन ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए करते थे।
एसबीआई भवन के ऊपर चल रहा था ‘कंट्रोल रूम
‘पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बनारस रोड स्थित एसबीआई शाखा के ठीक ऊपर दूसरी मंजिल पर किराए से रहने वाला राहुल गुप्ता संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त है। वह स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज लेता, नए सिम कार्ड खरीदवाता और बैंक खाते खुलवाकर उनके पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लेता था। इन ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) को बाद में साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
पुलिस की रेड और बरामदगी
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल तथा सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी की टीम ने राहुल गुप्ता के ठिकाने पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस की आंखें फटी रह गईं, जब वहां से 101 पासबुक, 35 एटीएम कार्ड और 28 चेकबुक बरामद हुए। इसके साथ ही 1 लाख 36 हजार रुपये नगद और कई मोबाइल व सिम कार्ड भी जप्त किए गए।
पूछताछ में खुले कई राज
मुख्य आरोपी राहुल गुप्ता (20 वर्ष, निवासी सोनभद्र, यूपी) ने पूछताछ में अपने दो अन्य साथियों, विकास किर्तनिया (26 वर्ष, ग्राम चठिरमा) और आशुतोष शर्मा (20 वर्ष, गोधनपुर) के नाम उगले। ये दोनों साथी स्थानीय स्तर पर लड़कों को फंसाने और खातों की व्यवस्था करने का काम करते थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
जप्त सामग्री की सूची:
नगद राशि: ₹1,36,000/-बैंकिंग दस्तावेज: 101 पासबुक, 35 एटीएम, 28 चेकबुक।
इलेक्ट्रॉनिक्स: 03 मोबाइल, 03 सक्रिय सिम, और दर्जनों सिम/एटीएम कवर।

पुलिस की अपील: लालच में न आएं युवा
जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों में देश के विभिन्न हिस्सों से ठगी गई लाखों की राशि का लेनदेन हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 318(4), 317(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
यह एक गंभीर संगठित अपराध है। युवा चंद रुपयों के कमीशन के चक्कर में अपने दस्तावेज और बैंक खाते किसी को न सौंपें, वरना वे अनजाने में बड़े साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं और जेल जा सकते हैं।






