
पिलखाभूमि समाचार पत्र/विशिष्ट लेखक – श्रीमती पूजा वैध
पखांजूर /छत्तीसगढ़ म नक्सलवाद के कमर का टूटिस, अब सासन-प्रसासन के रूतबा अउ धमक अबूझमाड़ के ओ खौफनाक जंगल मन म घलो साफ़ दिखत हे, जिहां कभू कदम रखे के पहिली बड़े-बड़े सूरमा मन के पसीना छूट जावत रहिस। जिहां कभू सिरिफ़ बंदूक के गूंज अउ डर के सन्नाटा रहिस, आज उहां बिकास के चक्का सरसरावत दउड़त हे। एकरे बानगी आज ओ समे मिले, जब सीधा सीतरम मंदिर म धमकिस सासन के सबले बड़े अधिकारी मन के भारी-भरकम काफिला! उहां खुद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अउ वन बल प्रमुख (HoFF) पहुँचीन, अउ ओमन के संग कांकेर-नारायणपुर के वन बिभाग के जम्मो बड़े साहब मन घलो मुस्तैद रहिन।
PCCF साहब ह सीतरम के गाँव वाले मन के बीच जाके बैठिन, ओकर मन से सीधा गोठ-बात करिन अउ भरोसा जगाइन। ओकर बाद सीतरम दंतेस्वरी माई के आघू म मूँड़ नवा के असीस लीन अउ कड़ा निरदेस दन कि मंदिर के जीरनोद्धार (कायाकल्प) के काम म एको रत्ती के ढील-पोल नहीं चलना चइही, काम तुरते सुरु होय। साहेब मन उहाँ ले निकले के बाद अबूझमाड़ के छाती म बनत नवा सड़क के एक-एक इंच ला कड़ाई से परखिन अउ निरिक्षण करत नारायणपुर डहर रवाना होगे।

जे नक्सली मन कभू बिकास के रस्ता म सबले बड़े काँटा बने रहिन, आज ओही अबूझमाड़ बिकास के मुख्य धारा म आ चुके हे—एहा सरकार के सबले कड़क अउ ऐतिहासिक उपलबधि आय। कभू ‘लाल गढ़’ कहे जाय वाला ए छेत्र म अब चमचमावत स्टेट हाइवे सड़क बनत हे, जेकर से सासन के जम्मो जनकलियाणकारी योजना मन के सीधा लाभ अब सीधा गाँव के आखिरी मनखे तक पहुँचत हे। जिहां कभू आम जनता जाय बर सौ बार सोचय, आज उहां सासन के गाड़ियां मन बिना कोनो खौफ के दंदनावत दउड़त हें!













