
पिलखाभूमि सूरजपुर अगर आपको भी कोई अनजान व्यक्ति सस्ता सोना दिलाने का लालच दे रहा है, तो ठहर जाइए! कहीं आप भी चांदनी थाना इलाके के इस बालरूप गुप्ता की तरह ठगी के शिकार न हो जाएं।
कहानी ‘सैम्पल’ असली, माल नकली की!
ठगों का दिमाग देखिए—पहले पीड़ित को असली सोने का छोटा टुकड़ा सैम्पल के तौर पर दिया। पीड़ित ने सुनार से चेक कराया, तो सोना 24 कैरेट शुद्ध निकला। भरोसा जम गया! फिर असली खेल शुरू हुआ।
जब पीड़ित ₹2 लाख 20 हजार लेकर “सौदा” करने पहुँचा, तो ठगों ने कपड़े में लपेटकर पीतल के बिस्कुट थमा दिए और पैसे लेकर रफूचक्कर हो गए।
पुलिस का सॉफ्टवेयर अपडेट
जैसे ही मामला डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के पास पहुँचा, उन्होंने ठगों की ‘लंका’ लगाने के निर्देश दे दिए। एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी के मार्गदर्शन में चांदनी पुलिस ने ऐसी घेराबंदी की कि चारों आरोपी अब सलाखों के पीछे अपनी ‘कमीशन’ गिन रहे हैं।
रिकवरी: पुलिस ने इनके पास से ₹1,24,000 नगद बरामद कर लिए हैं।

सलाखों के पीछे ये ‘गोल्डन बॉयज’:
अर्जुन देवांगन (ठगी का मास्टरमाइंड)
मोहन उर्फ सोनू (भरोसा जीतने वाला ‘दोस्त’
राजेन्द्र यादव (बलरामपुर का खिलाड़ी)
किशोरी लाल यादव (सह-आरोपी)
जनता के लिए :“सड़क चलते या फोन पर मिलने वाले ‘सस्ते सोने’ के ऑफर पर भरोसा करना, अपनी गाढ़ी कमाई को आग लगाने जैसा है। सोना हमेशा सर्टिफाइड शोरूम से ही खरीदें!
बधाई के पात्र: थाना प्रभारी आर.पी. साहू और उनकी जांबाज टीम (एएसआई क्षेत्रपाल, भूपेन्द्र, मंजीत व अन्य) जिन्होंने इस गैंग का पर्दाफाश किया।








