
पिलखाभूमि अंबिकापुर/ सरगुजा संभाग के हृदय स्थल कहे जाने वाले संजय पार्क में पिछले दिनों हुई 15 हिरणों की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। प्रशासन द्वारा कुत्तों के हमले की थ्योरी पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने इसे सिरे से खारिज करते हुए सरकार और वन विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस ने गठित की 6 सदस्यीय जांच कमेटी
इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच करने के लिए कांग्रेस ने 6 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। इस टीम की कमान पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को सौंपी गई है। कमेटी के सदस्यों ने संजय पार्क का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे।

कुत्तों की थ्योरी अविश्वसनीय – अमरजीत भगत
जांच दल के नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशासन के दावों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
“सुरक्षित घेरे के भीतर आवारा कुत्तों का घुसना और एक साथ 15 हिरणों को मार डालना पूरी तरह से अविश्वसनीय है। प्रशासन अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मनगढ़ंत कहानियां बना रहा है।”
मौत का तांडव थमा नहीं, अब 1 हिरण लापता
संजय पार्क में मचे इस कोहराम के बीच एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। 15 हिरणों की मौत की पुष्टि होने के बाद अब 1 हिरण लापता बताया जा रहा है। लापता हिरण को लेकर प्रबंधन के पास कोई ठोस जवाब नहीं है, जिससे शिकार या तस्करी जैसी आशंकाओं को भी बल मिल रहा है।
उठ रहे हैं ये गंभीर सवाल:
सुरक्षा में सेंध: अगर कुत्ते घुसे तो सुरक्षा गार्ड और ऊँची फेंसिंग का क्या औचित्य रह गया?
लापता हिरण का रहस्य: क्या लापता हिरण की भी मौत हो चुकी है या उसे कहीं ठिकाने लगाया गया है?
सीसीटीवी फुटेज: क्या पार्क के कैमरों में कुत्तों के हमले का कोई साक्ष्य मौजूद है?
निष्कर्ष:
संजय पार्क की इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय जनता को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहाँ वन विभाग मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में है, वहीं अमरजीत भगत के तेवरों से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठाने वाली है।






