
पिलखाभूमि सूरजपुर। ममता को शर्मसार और इंसानियत को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सूरजपुर जिले के ग्राम जयपुर (चौकी सलका उमेश्वरपुर) से सामने आई है। जहाँ एक मां ने अपने ही खून के साथ वह दरिंदगी की, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। महज 4 महीने के मासूम के रोने पर एक मां इस कदर ‘जल्लाद’ बन गई कि उसने बच्चे को उठाकर पत्थर दिल की तरह जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
गुस्से में भूली ममता, मासूम की ले ली जान
घटना 25 मार्च 2026 की है। बताया जा रहा है कि आरोपी बृन्दावती का 4 माह का पुत्र हंसराज रो रहा था। एक मां का फर्ज उसे चुप कराना और दुलारना था, लेकिन ममता की जगह उसके सिर पर खून सवार हो गया। उसने अत्यधिक क्रोध में आकर मासूम को बेरहमी से जमीन पर पटक दिया। इस क्रूर हमले में बच्चे के सिर पर गंभीर चोटें आईं।
पिता के सामने ही उजड़ गई दुनिया
हैरानी की बात यह है कि जब यह हैवानियत हो रही थी, तब बच्चे का पिता सड़क की दूसरी तरफ खड़ा होकर यह सब देख रहा था। आरोपी महिला ने बच्चे को पटकने के बाद उसे उठाया और पिता की गोद में डाल दिया। गंभीर हालत में मासूम को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि डॉक्टर भी उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के सख्त निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की हड्डी टूटने और गंभीर चोट की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी मां बृन्दावती को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद पत्थर दिल मां ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
कानूनी शिकंजा: चौकी सलका उमेश्वरपुर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
समाज के चेहरे पर तमाचा
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के गिरते मानसिक स्तर पर एक गहरा तमाचा है। जिस मां को रक्षक माना जाता है, जब वही भक्षक बन जाए, तो समाज की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। फिलहाल आरोपी महिला अपने किए की सजा भुगतने के लिए जेल की सलाखों के पीछे है।








