
सरगुजा की फिजाओं में नशा घोलने वालों पर आबकारी का काल बनकर टूटा उड़नदस्ता।
मौत की खेप, भागती सांसे और खाकी का फंदा
अम्बिकापुर की सड़कों पर जब रंजीत गुप्ता (ADEO) की टीम उतरी, तो नशे के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया। 02 अप्रैल की शाम, अजिरमा के बुधवारी बाजार में एक शख्स पूरनम विश्वकर्मा अपनी किस्मत और पुलिस की नजरों से भागने की कोशिश कर रहा था। उसे लगा कि वह गलियों में गुम हो जाएगा, लेकिन आबकारी की टीम ने उसे जमीन नापने पर मजबूर कर दिया। उसके झोले से निकली 44 सुइयां सिर्फ दवा नहीं, बल्कि दर्जनों जिंदगियों को बर्बाद करने का सामान थीं।
जेल तालाब की ‘रानी’ का तिलिस्म टूटा
अम्बिकापुर का जेल तालाब क्षेत्र—एक ऐसा इलाका जहाँ नशेड़ियों ने जेल के प्रहरियों तक को लूटकर दहशत फैला रखी थी। यहाँ की बेताज सप्लायर आराधना को लगता था कि वह कानून की पहुंच से ऊपर है। लेकिन 03 अप्रैल की दोपहर उसकी आखिरी ‘फ्री सेल’ साबित हुई। मुखबिर की एक सटीक टिप और रंजीत गुप्ता की घेराबंदी ने आराधना के काले साम्राज्य को मिट्टी में मिला दिया। काले पॉलिथीन में छिपाकर रखे गए 32 नशीले इंजेक्शन अब अदालत में उसकी बर्बादी की गवाही देंगे।

कानून का प्रहार: NDPS 22(C)
इन दोनों ने सिर्फ इंजेक्शन नहीं बेचे, बल्कि समाज की रगों में जहर भरा है। इसीलिए प्रशासन ने इनके खिलाफ NDPS एक्ट की कड़ी धारा 22 (सी) के तहत प्रहार किया है। आज दोनों आरोपी माननीय न्यायालय के आदेश पर अम्बिकापुर जेल की सलाखों के पीछे अपनी रातें काट रहे हैं।
कड़क संदेश: ‘सुधर जाओ या घर छोड़ दो’
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने दो टूक लहजे में साफ कर दिया है:
“हमारा अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक सरगुजा की एक-एक गली नशामुक्त न हो जाए। यह सिर्फ एक जब्ती नहीं, उन सभी के लिए चेतावनी है जो युवाओं की जिंदगी से खेल रहे हैं। हमारी नीति साफ है— सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने दो टूक लहजे में साफ कर दिया है:
“हमारा अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक सरगुजा की एक-एक गली नशामुक्त न हो जाए। यह सिर्फ एक जब्ती नहीं, उन सभी के लिए चेतावनी है जो युवाओं की जिंदगी से खेल रहे हैं। हमारी नीति साफ है— Zero Tolerance, Total Action!“
टीम ‘अजेय’ के योद्धा
रणनीति: रंजीत गुप्ता (ADEO)
मैदान पर: टी.आर. केहरी, कुमारूराम, अशोक सोनी।
शक्ति: रणविजय सिंह, चंद्रावती, राजकुमारी और नीरज चौहान।
बुलंद हौसले, कड़क कार्यवाही। अब सरगुजा बोलेगा— नशा छोड़ो, जिंदगी चुनो!






