
सूरजपुर (पिल्खा भूमि): विकासखंड सूरजपुर के ग्राम रविंद्र नगर नवापारा में विकास की उम्मीदें अब धूल के गुबार में दफन होती नजर आ रही हैं। लगभग ₹6 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बन रही 4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य कछुआ गति से चलने के कारण आज हजारों ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस सड़क की आधारशिला स्वयं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बड़े उत्साह के साथ रखी थी, उसे पूरा करने में विभागीय अधिकारी और ठेकेदार घोर लापरवाही बरत रहे हैं।

मंत्री जी की सौगात, विभाग की शामत!
क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश की कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जब इस सड़क का भूमि पूजन किया था, तब ग्रामीणों को लगा था कि अब उनके क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। लेकिन आज स्थिति इसके उलट है। विभाग की सुस्ती ने मंत्री जी की इस बड़ी घोषणा को जनता के लिए मुसीबत बना दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मंत्री जी के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं?

धूल की मार: किसान और मरीज सबसे ज्यादा परेशान
निर्माणाधीन सड़क पर डस्ट की मोटी परत बिछी हुई है। गर्मी के इस मौसम में जब तेज हवाएं चलती हैं या वाहन गुजरते हैं, तो उठने वाला धूल का गुबार घरों और खेतों में समा जाता है।
- सब्जी किसान: रविंद्र नगर के मेहनतकश सब्जी किसानों की फसलें धूल की वजह से खराब हो रही हैं।
- सांस के मरीज: धूल के कारण क्षेत्र में अस्थमा और सांस की बीमारियों के मरीजों की हालत बिगड़ रही है।

पिल्खा भूमि के तीखे सवाल:
- जिस सड़क का भूमि पूजन स्वयं कैबिनेट मंत्री ने किया, वहां काम की गुणवत्ता और गति पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा रही?
- क्या विभाग किसी बड़े आंदोलन या किसी ग्रामीण की स्वास्थ्य बिगड़ने का इंतजार कर रहा है?
- धूल को दबाने के लिए अनिवार्य ‘वॉटर स्प्रिंकलिंग’ (पानी का छिड़काव) क्यों नहीं किया जा रहा?
जनता की पुकार
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि काम में जल्द तेजी नहीं लाई गई और पानी का छिड़काव शुरू नहीं हुआ, तो वे अपनी शिकायत सीधे मंत्री महोदया तक पहुंचाएंगे और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। अब देखना यह है कि मंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट में पलीता लगा रहे अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
ब्यूरो रिपोर्ट: पिल्खा भूमि (सूरजपुर)







