• 18 नवंबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का खुला अल्टीमेटम
• कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन, 10 मेडिकल कॉलेजों के हजारों नर्सिंग कर्मी होंगे शामिल
• 9 माह पहले स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर तैयार हुआ था प्रस्ताव, लेकिन अब तक लागू न होने से फूटा आक्रोश
अंबिकापुर (पिलखाभूमि ब्यूरो):
सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले नर्सिंग संवर्ग ने अब अपने हक और अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का बिगुल फूंक दिया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ द्वारा आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। एसोसिएशन ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि लंबे समय से लंबित ग्रेड पे वेतनमान का प्रस्ताव शीघ्र लागू नहीं किया गया, तो आगामी 18 नवंबर से प्रदेश के सभी 10 शासकीय मेडिकल कॉलेजों के नर्सिंग अधिकारी अनिश्चितकालीन आंदोलन व हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।
14 वर्षों का लंबा संघर्ष, फाइलों में अटका हक
ज्ञापन सौंपते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नर्सिंग संवर्ग अपने ग्रेड पे वेतनमान में सुधार की मांग को लेकर विगत 14 वर्षों से लगातार संघर्षरत है। पूर्व में माननीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय के कड़े निर्देश के बाद संघ की मांगों के अनुरूप ग्रेड पे का प्रस्ताव माह जनवरी में ही तैयार कर लिया गया था। लेकिन अत्यंत खेद का विषय है कि प्रस्ताव तैयार हुए 9 माह बीत जाने के बावजूद शासन स्तर पर इसे आज तक लागू नहीं किया गया। शासन की इस अनदेखी और लेटलतीफी से प्रदेशभर के नर्सिंग अधिकारियों में भारी रोष व्याप्त है।

राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज से उठी आवाज
राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, अंबिकापुर (जिला सरगुजा) कार्यालय से जुड़े नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट हुए कर्मियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से लेकर आज तक दिन-रात मरीजों की सेवा करने वाले नर्सिंग संवर्ग को हमेशा नजरअंदाज किया गया है। बार-बार केवल आश्वासन का झुनझुना पकड़ाया जाता रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
18 नवंबर से ठप हो सकती हैं 10 मेडिकल कॉलेजों की सेवाएं
एसोसिएशन ने ज्ञापन के जरिए सरकार को चेताया है कि:
“यदि समय रहते ग्रेड पे वेतनमान संबंधी प्रस्ताव लागू नहीं किया गया, तो 18 नवंबर से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों के नर्सिंग संवर्ग के अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जाने की स्थिति में अस्पतालों में भर्ती मरीजों को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा, संकट या आपात स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की होगी।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन की जिला/संभागीय अध्यक्ष कु. मालती सिंह, उपाध्यक्ष कु. प्रज्ञा पिल्ले, सचिव विक्की यादव, उपसचिव कु. सौदामिनी हलदार, कोषाध्यक्ष श्रीमती अन्नपूर्णा, मीडिया प्रभारी अमृत गोट सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।






































