रायपुर-भानुप्रतापपुर: छत्तीसगढ़ी संगीत जगत अउ हमर माटी बर एक बड़ दुख भरा अउ झकझोर देइया खबर आगू आईस है। छत्तीसगढ़ के पहिली अउ सबले लोकप्रिय रैपर एप्पी राजा – जिनका असली नाम चेतन चांडक रीहिस – अब हमर बीच नहीं रीहिन। सिरिफ 32 साल के नानचुन उमिर में ओकर सांस टूट गईस। ओहा पिछले कुछ समे से गंभीर बिमारी (स्वास्थ्य समस्या) से जूझत रीहिन, जिसके सेती रायपुर के एम्स (AIIMS) अस्पताल में ओकर ईलाज चलत रीहिस। आखिर में 15 जून 2026 के ओकर निधन के खबर सामने आईस। एप्पी राजा के अचानक चले जाय से पूरा परदेस में सोक के लहर दौड़ गे है।
भानुप्रतापपुर के माटी में जनमिस रीहिस ‘टूरा भोको लोलो’ के स्टार चेतन चांडक (एप्पी राजा) मूल रूप से बस्तर संभाग के कांकेर जिला के भानुप्रतापपुर के रहने वाला रीहिन। ओ मन ला मुख्य रूप से ओकर सुपरहिट छत्तीसगढ़ी रैप सॉन्ग ‘टूरा भोको लोलो’ (Tura Bhoko Lolo) बर जाने जाथे, जउन ह इंटरनेट में वायरल होके तहलका मचा दे रीहिस। ए गीत के सफलता के बाद ओहा छत्तीसगढ़ी रैप ला एक नवा पहिचान दीस। ओकर आन चर्चित गाना मन में ‘आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहु’ अउ ‘छत्तीसगढ़ एंथम’ सामिल हैं, जउन ला युवा मन बड़ पसंद करथें।
आर्थिक तंगी अउ संघर्ष से तपके बने रीहिस कलाकार चेतन के कलाकार बने के रस्ता बड़ सहज नई रीहिस। घर के आर्थिक तंगी (पइसा के कमी) के सेती ओ ला कुछ समे बर गुजरात के सूरत सहर में घलो जाके काम करना पड़े रीहिस। पर जेकर भीतर संगीत के आगी बलत राहय, ओ ला काम कहाँ बांध के रख पाती! संगीत के प्रति ओकर जुनून अउ मया ओ ला वापस अपन छत्तीसगढ़ खींच लाईस अउ ओहा इहाँ आके इतिहास रच दीस।
आज भानुप्रतापपुर में होही अंतिम संस्कार
रायपुर के एम्स अस्पताल में आखिरी सांस लेवे के बाद, चेतन चांडक (एप्पी राजा) के पार्थिव देह ला ओकर गृहग्राम भानुप्रतापपुर लाये गे है। आज ओकर अंतिम संस्कार ओकर गृहग्राम भानुप्रतापपुर में करे जाही। अपन चहेता माटी के लाल ला आखिरी विदाई देवे बर आज पूरा बस्तर अउ परदेस से कलाप्रेमी अउ प्रशंसक मन उमड़ही। ईस्वर दिवंगत आत्मा ला अपन श्रीचरणों में स्थान देवे अउ सोकाकुल परिवार ला ए असीम दुख ला सहने के सकति प्रदान करे।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि!
संबंधित टिप्पणी (अपन माटी अपन गोट )
“सूरत के मजदूरी से बस्तर के ‘रैप किंग’ बने के सफर” छत्तीसगढ़ महतारी बर आज के समे बड़ पीरा दइया ए। सिरिफ 32 साल के उमिर में छत्तीसगढ़ी रैप के क्रांतिपुरुष चेतन चांडक (एप्पी राजा) हम ला छोड़ गीस। ओकर जिंदगी हमर युवा मन बर प्रेरणा ए—जउन लइका आर्थिक तंगी के सेती सूरत में काम करीस, ओहा अपन लगन से ‘टूरा भोको लोलो’ गाके पूरा परदेस के दिलों में राज करीस। ओहा हमर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गोट-बात ला आधुनिक संगीत के साँचा में ढालिस। आज जब भानुप्रतापपुर के माटी में ओकर अंतिम संस्कार होही, तब हमर संस्कृति के एक चमकत सितारा हमेशा बर ओझल हो जाही। ओकर कमी ला कभू पूरा नई करे जा सके।