पिलखाभूमि – अपन माटी अपन गोट / रायपुर
आज पिलखा भूमि ओ दर्द ला आपके आघू रखत हे, जऊन ला देख के पत्थर के कलेजा घलोक पिघल जही। रायपुर के नकटी गांव म तीन दिन पहले जो कांड होइस, वो कोई आम घटना नि हे—ये सत्ता के उस क्रूर चेहरा के नंगा नाच हे, जहाँ गरीब के आशियाना के कोई औकात नि हे। ‘विधायक कॉलोनी’ के सपना सच करे के नाम म प्रशासन ह 80 गरीब परिवार मन के घर ला बुलडोजर ले ढहा दिस। ये सिर्फ ईंटा-पत्थर के दीवार नि टूटे हे, ये वो मेहनतकश परिवार मन के रोजी-रोटी अउ ओकर मन के जिये के भरोसा टूटे हे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के 32 पक्का घर, जऊन ला सरकार ह गरीब के सुरक्षा बर बनवाय रिहिस, वो मन आज मलबे के ढेर म बदल गे हे। बरसइया पानी म लइका-सियान मन सड़क म खड़े हे, अउ हमर सिस्टम ह ‘विकास’ के नाम म पूरी तरह संवेदनहीन बने हे।
80 बेघर परिवार का दर्द और लाचारी
80 परिवार के ये हाल देख के पिलखा भूमि के कलम घलोक कांपत हे। आज वो मन के पास न छत हे, न ही कोई ठौर। बरसइया पानी म छोटे-छोटे लइका मन के बिलखना अउ सियान मन के आंखों के आंसू ये समाज अउ प्रशासन बर डूब मरे के बात हे। जऊन घर ला अपन पसीना ले सवांर के बनाय रिहिन, आज वो घर बुलडोजर के नीचे दब के मटियामेट हो गे हे। जऊन लइका मन कभु अपन घर के छत के नीचे सुख के नींद सोवत रिहिन, आज वो मन खुले आसमान के नीचे रात बिताये बर मजबूर हे। ये दर्द सिर्फ ओ 80 परिवार के नि हे, ये पूरा समाज के माथा म एक कलंक कस हे।

पिलखा भूमि – अपन माटी अपन गोट /की टिप्पणी: ‘विकास’ के नाम म ये कैसा नंगा नाच?
विकास करना पुनीत काम होथे, फेर गरीब के घर ला उजाड़ के, ओला सड़क म खड़ा कर के कऊन सा ‘विकास’ साधे के कोशिश करे जावत हे? प्रशासन के ये बुलडोजर ह सिर्फ घर नि तोड़े हे, ये मानवता के गला घोंटे हे। 80 परिवार के उजड़े जीवन, लइका-सियान मन के बिलखत चेहरा अउ ओ मन के लाचारी—का ये ‘सबके विकास’ के मॉडल हे? पिलखा भूमि ल ये कहना हे कि अगर ‘विधायक कॉलोनी’ के चमक गरीब के आंसु ले ज्यादा कीमती हे, त अइसन विकास के हमन घोर निंदा करथन। ये कार्रवाई ‘न्याय’ नि, सत्ता के अहंकार के पराकाष्ठा हे। जऊन सरकार ‘सबके साथ’ के ढिंढोरा पीटे हे, ओकर चेहरा आज नकटी गांव के ये मलबे के नीचे दबे हे।
पिलखाभूमि – अपन माटी अपन गोट/ के सवाल: अब जवाब दे सरकार!
सवाल 1: मुख्यमंत्री जी, का आपमन के ‘सुशासन’ के परिभाषा म गरीब के घर उजाड़ना ही सबसे बड़े काम हे? क्या नकटी गांव में हुई ये बर्बर कार्रवाई ही आपमन के ‘न्याय और विकास’ का मॉडल है?
सवाल 2: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 32 पक्का घर ला तोड़ना सरकारी पैसे के बर्बादी नि हे? एकर जिम्मेदार कौन अधिकारी हे?
सवाल 3: जब घर तोड़े के योजना पहिलले ले रिहिस, त प्रशासन ह काबर ये परिवार मन बर कोनो ठौर (पुनर्वास) के इंतजाम नि करिस?
सवाल 4: 80 परिवार ल बेघर करके, कऊन सा ‘विधायक कॉलोनी’ के चमक बढ़ जही? का ये गरीब मन के आंसू ले ज्यादा कीमती हे?
सवाल 5: ये गरीब मन के उजड़े घर के मुआवजा अउ जवाबदेही कौन तय करही? का सिर्फ ‘जांच’ के नाम म फाइल ला दबा दे जाही?
संपादक: मनीष वैध पिलखाभूमि – अपन माटी अपन गोट: हमर लड़ाई, अब आपमन के संग
डिस्क्लेमर (Legal Disclaimer):
पिलखा भूमि की यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों और जनहित में पूछे गए सवालों पर आधारित एक स्वतंत्र विश्लेषण है। यह खबर किसी भी विभाग को बदनाम करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लिखी गई है। किसी भी संबंधित व्यक्ति या विभाग का पक्ष स्वागत योग्य है। पिलखा भूमि की यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों और जनहित में पूछे गए सवालों पर आधारित है।








