पखांजूर @ रिश्तों का कत्ल: सगे मामा-मामी निकले (ठग ऑफ मुंबई) सॉफ्टवेयर इंजीनियर भांजे को लगाया 43.44 लाख का तगड़ा चूना पखांजूर पुलिस ने मुंबई से घसीटकर लाया!
पखांजूर।कहते हैं कि कलयुग में सबसे बड़ा रुपैया हो गया है, और जब बात करोड़ों की अंधाधुंध कमाई की हो तो सगे रिश्ते भी पानी भरने लगते हैं! ऐसा ही एक सनसनीखेज और कलेजा कंपा देने वाला मामला पखांजूर से सामने आया है, जहां सगे मामा-मामी ने ही अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर भांजे की पीठ में ऐसा छुरा घोंपा कि हर कोई दंग रह गया। बड़ी कंपनी में ऊंचे पद और करोड़ों की हिस्सेदारी का सब्जबाग दिखाकर, इन शातिर रिश्तेदारों ने अपने ही भांजे को 43 लाख 44 हजार 900 रुपये का ऐसा तगड़ा झटका दिया कि पीड़ित सीधे थाने पहुंच गया। लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं; पखांजूर पुलिस ने मुंबई में दबिश देकर दोनों शातिर ठगों को दबोच लिया है।
खेल ‘करोड़पति’ बनाने का, नीयत सिर्फ ठगी की!
इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल डकैती की इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने वाली है। पुलिस के मुताबिक, खेल साल 2021 से शुरू हुआ था। ‘ZEAL APP VIEW PRIVATE LIMITED’ नाम की कंपनी के कर्ता-धर्ता आनंद चंदेल और उसकी पत्नी रेखा आनंद चंदेल (जो रिश्ते में पीड़ित के सगे मामा-मामी लगते हैं) की नजर अपने भांजे की गाढ़ी कमाई पर थी। उन्होंने भांजे को झांसा दिया कि वे उसे कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) की कुर्सी देंगे और साथ ही कंपनी का 10% का मालिक यानी शेयरहोल्डर बना देंगे।
खून के रिश्ते पर अंधा भरोसा करके भांजा इनके बुने जाल में फंसता चला गया। शातिर मामा-मामी ने साल 2021 से लेकर 2025 तक, यानी पूरे 4 साल तक किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से भांजे के अकाउंट से कुल 43,44,900 रुपये पार कर दिए।
नकली चेक और फर्जी आईडी: शातिर दिमाग का पूरा इस्तेमाल
भांजे को एक पल के लिए भी शक न हो, इसके लिए इस ठग दंपत्ति ने बाकायदा जालसाजी का पूरा ढांचा तैयार किया था। आरोपियों ने फर्जी पहचान पत्र, नकली बिजनेस कार्ड और फर्जी चेक बुक तक छपवा रखी थी, जिसे दिखा-दिखाकर वे 4 साल तक भांजे को अंधेरे में रखते रहे। जब पानी सिर से ऊपर चला गया और न पद मिला न पैसा, तब जाकर भांजे की आंखें खुलीं और उसने पखांजूर थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनाई।
मुंबई में छिपे थे आरोपी, पखांजूर पुलिस ने फिल्मी अंदाज में दबोचा
शिकायत मिलते ही पखांजूर पुलिस एक्शन मोड में आ गई। आरोपियों की लोकेशन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ट्रेस हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल एक स्पेशल टीम का गठन किया और टीम सीधे मुंबई के लिए रवाना हो गई। मुंबई की चकाचौंध में छिपे बैठे ठग मामा आनंद चंदेल और मामी रेखा चंदेल को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 13 मई 2026 को धर दबोचा। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर घसीटते हुए पखांजूर लाया गया है।
कोरोना का बहाना और गुनाह कबूल:
पुलिसिया हंटर के सामने आते ही दोनों ठगों की सारी हेकड़ी हवा हो गई। पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए रोना रोया कि ठगी की रकम उन्होंने कंपनी चलाने में फूंक दी और कोरोना काल में उनकी कंपनी पूरी तरह डूब गई थी।
रिश्तों के इस जालसाजी का पर्दाफाश करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट, उपनिरीक्षक अनिल पालेश्वर और उनकी पूरी कड़क टीम की पीठ थपथपाई जा रही है। पुलिस अब इन दोनों ठगों की कुंडली खंगाल रही है कि इन्होंने और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।