
पिलखा भूमि/अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग में नशे के सौदागरों के खिलाफ संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। आबकारी विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन” के तहत पिछले पांच दिनों के भीतर ही चार बड़े नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसी कड़ी में आज टीम ने लुंड्रा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय दो शातिर नशीले इंजेक्शन सप्लायरों को रंगे हाथों दबोचने में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी, पहाड़ी के पास धराए आरोपी
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आज दिनांक 19 जून 2026 को गश्त के दौरान टीम को अम्बिकापुर के प्रसिद्ध पूजा स्थल ‘गर्दनपाठ’ के पास मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली। सूचना थी कि आगे पहाड़ी के पास दो संदेही लाल-काले रंग की टीवीएस राइडर बाइक (TVS Raider) से नशीले इंजेक्शन की तस्करी और बिक्री कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही आबकारी टीम ने तत्काल पहाड़ी की तरफ रुख किया। वहां सरकारी वाहन को आता देख बाइक के पास खड़े दोनों संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद आबकारी अमले ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही धर दबोचा।
लंबे समय से सक्रिय थे लुंड्रा क्षेत्र के ये दो बड़े सप्लायर
पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त निम्न अनुसार हुई है:
- रवि घासी – निवासी: झेराडीह, थाना: लुण्ड्रा (जिला सरगुजा)
- किशुन राम उर्फ बबलू ठाकुर – निवासी: गढ़वीरा, थाना: लुंड्रा (जिला सरगुजा)

बरामदगी: आरोपी रवि घासी के पास मौजूद एक नीले रंग के झोले की तलाश लेने पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बरामद हुईं, जिसमें शामिल हैं:
- 40 नग REXOGESIC INJECTION
- 40 नग AVIL INJECTION
- कुल जब्ती: 80 नग नशीले इंजेक्शन एवं तस्करी में प्रयुक्त टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल।
अधिकारियों के मुताबिक, ये दोनों आरोपी लुंड्रा और आस-पास के इलाकों में काफी लंबे समय से नशीले इंजेक्शनों की चेन सप्लाई कर रहे थे। इनकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिन्हें आज आबकारी उड़नदस्ता ने दबोचने में सफलता पाई।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, भेजे गए जेल
आबकारी विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आज ही दोनों आरोपियों को विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स अम्बिकापुर के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर रिमांड लेकर उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया है।

कार्रवाई में शामिल रही आबकारी टीम
इस पूरी सफल कार्रवाई का नेतृत्व सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने किया। वहीं इस संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देने में आबकारी प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पाण्डेय, रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता तथा आबकारी स्टाफ नीरज चौहान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए “ऑपरेशन क्लीन” के तहत आगे भी इस तरह की कड़क और सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
पिलखा भूमि संपादकीय टिप्पणी
विषय: ‘ऑपरेशन क्लीन’ की सफलता और नशे के नेटवर्क पर प्रहार
सरगुजा संभाग में आबकारी उड़नदस्ते द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन क्लीन” क्षेत्र को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और कड़ा कदम है। महज पांच दिनों के भीतर चार बड़े नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजना यह साबित करता है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो और मुखबिर तंत्र सटीक काम करे, तो अवैध धंधों की कमर तोड़ी जा सकती है।

लंबे समय से लुंड्रा और आस-पास के ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों (Rexogesic और Avil) की चेन सप्लाई की शिकायतें आ रही थीं। ऐसे में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता और उनकी टीम द्वारा की गई यह घेराबंदी और त्वरित कार्रवाई सीधे उस मुख्य नेटवर्क पर प्रहार है जो युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। 80 नग नशीले इंजेक्शनों और परिवहन में प्रयुक्त वाहन की जब्ती के साथ NDPS एक्ट की कड़क धाराओं (22 सी) के तहत आरोपियों को सीधे जेल दाखिल कराना अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जरूरी था।
पिलखा भूमि का दृष्टिकोण (संपादकीय संदेश):
- सराहनीय प्रयास: हम आबकारी प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पाण्डेय, रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता और स्टाफ नीरज चौहान सहित पूरी आबकारी टीम की मुस्तैदी की सराहना करते हैं। इस तरह के साहसिक ऑपरेशनों से जनता का प्रशासन पर भरोसा बढ़ता है।
- निरंतरता की आवश्यकता: ‘ऑपरेशन क्लीन’ की यह सफलता केवल एक पड़ाव होनी चाहिए, मंजिल नहीं। नशे के ये सौदागर अक्सर केवल ‘कैरियर’ (सप्लाई करने वाले मोहरे) होते हैं। पुलिस और आबकारी विभाग को मिलकर इनके मुख्य ‘आकाओं’ और थोक सप्लायरों तक पहुंचना होगा, जो अंतर-राज्यीय या अंतर-जिला स्तर पर इन प्रतिबंधित दवाओं की खेप डंप कर रहे हैं।
- सामाजिक जिम्मेदारी: नशे के खिलाफ इस जंग में केवल प्रशासनिक कार्रवाई काफी नहीं है। समाज, अभिभावकों और युवाओं को भी जागरूक होना होगा। यदि आपके आस-पास कोई ऐसी संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो उसकी सूचना तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को दें।












