रघुनाथनगर थाने में अपराध क्र. 121/26 दर्ज; पुश्तैनी जमीन से धान हटाने की बात पर विवाद; नगर सैनिक पंकज उपाध्याय पर भी संलिप्तता का आरोप, IG से निलंबन की मांग
पिलखा भूमि वाड्रफनगर / बलरामपुर:
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत थाना रघुनाथनगर क्षेत्र के ग्राम बेतो (नवली पारा) में पुश्तैनी पट्टे की भूमि को लेकर उपजा विवाद गंभीर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। पट्टे की जमीन से धान की खरही हटाने को लेकर हुए विवाद में एक पक्ष पर लाठी, टांगी, चिड़ीमार एयरगन और लोहे की छड़ (रॉड) से जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला थाने पहुंचा है। मामले में प्रार्थी आलोक राज उपाध्याय की लिखित रिपोर्ट पर थाना रघुनाथनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनावेदक आशुतोष, देवेंद्र, जयशंकर, प्रकाश और आयुष (सभी निवासी ग्राम बेतो, नवली पारा) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296, 351(2), 115(2) एवं 191 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

इधर, हमले में लहूलुहान होकर अचेत हुए अमृत उपाध्याय को रघुनाथनगर सिविल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर भेजा गया था, जहां स्थिति अत्यंत नाजुक होने के कारण विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें बेहतर जीवन रक्षक उपचार हेतु उच्च संस्थान रायपुर रेफर कर दिया गया है। इस पूरे मामले में नगर सैनिक पंकज उपाध्याय की कथित संलिप्तता का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG), सरगुजा रेंज को भी औपचारिक आवेदन सौंपकर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और निलंबन की मांग की गई है।

खेत से धान हटाने के आग्रह पर आक्रोश, लोहे की रॉड से कनपटी पर किया वार
थाना रघुनाथनगर में दर्ज प्राथमिक सूचना प्रतिवेदन (FIR) के अनुसार, घटना 15 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे की है। प्रार्थी आलोक राज उपाध्याय (उम्र 56 वर्ष) अपने खेत में काम कर रहे थे। खेत में आलू लगाने के उद्देश्य से आलोक, नितिश, सिद्धांत एवं शिवानी मिलकर खेत से धान हटाने की बात कर रहे थे। प्रार्थी ने जब अनावेदक पक्ष के आशुतोष, देवेंद्र, जयशंकर, प्रकाश और आयुष से अपने पुश्तैनी पट्टे की भूमि से धान की खरही हटाने का अनुरोध किया, तो वे आक्रोशित हो गए और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे।
प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार, अनावेदक पक्ष के लोग अचानक लाठी, टांगी और चिड़ीमार एयरगन लेकर दौड़े और हमला करने लगे। विवाद बढ़ता देख जब प्रार्थी के भाई अमृत उपाध्याय बीच-बचाव के लिए दौड़े, तो आरोप है कि उनकी कनपटी पर लोहे की छड़ (रॉड) से गंभीर वार कर दिया गया, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। रिपोर्ट में यह भी दर्ज कराया गया है कि जब प्रार्थी की पत्नी बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो आशुतोष और जयशंकर द्वारा उन्हें जमीन पर पटक कर सीने पर वार किया गया तथा लात-घूंसों से मारपीट करते हुए गाली-गलौज व अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया गया।
ग्रामीणों व परिजनों ने जान पर खेलकर कराया बीच-बचाव
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, विवाद के दौरान “आज जान से मारेंगे तभी फैसला होगा” कहते हुए हमला किया जा रहा था। उस समय मौके पर मौजूद ग्रामीण व पारिवारिक सदस्य—रामकृष्ण, अनुपम, लल्लू प्रसाद, निहारिका, जया रानी, दिलिप, देवेन्द्र पाण्डेय, राजेश, प्रांशु, सिध्यांत, विदुयान्सु और बेला उपाध्याय—ने बीच-बचाव किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलावरों का हिंसक रुख देखकर लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकले।
जबड़े में गंभीर चोट, IG कार्यालय में नगर सैनिक पर पद के दुरुपयोग का आरोप
हमले में गंभीर रूप से घायल अमृत उपाध्याय को तत्काल रघुनाथनगर अस्पताल ले जाया गया। परिजनों एवं आईजी सरगुजा रेंज को सौंपे गए लिखित आवेदन के अनुसार, उनके जबड़े में गंभीर चोट आई है, दांत टूट गया है तथा प्राथमिक उपचार के दौरान उन्हें लगातार खून की उल्टियां हो रही थीं। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से सूत्रों के अनुसार रायपुर रेफर किए जाने के बाद उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

आईजी कार्यालय में प्रस्तुत आवेदन में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम में पंकज उपाध्याय भी संलिप्त हैं, जो वर्तमान में नगर सैनिक के पद पर सेवारत हैं। आवेदन में यह गंभीर बिंदु उठाया गया है कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध पूर्व में भी 15 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी है, जिसकी पुलिस अभिलेखों से समीक्षा व सत्यापन कराया जाना आवश्यक है। साथ ही यह आशंका व्यक्त की गई है कि शासकीय पद पर कार्यरत होने के कारण जांच प्रक्रिया और साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना बन सकती है। अतः प्रकरण की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए सेवा नियमों के तहत जांच पूरी होने तक संबंधित नगर सैनिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने का अनुरोध किया गया है।
भ्रामक दावों के बीच न्यायिक दायरे में पहुंचा मामला
घटना के बाद से ही क्षेत्र में विभिन्न माध्यमों से एकतरफा और परस्पर विरोधी नैरेटिव प्रसारित किए जाने की चर्चाएं चल रही थीं, किंतु रघुनाथनगर थाने में विधिवत अपराध दर्ज होने और आईजी कार्यालय द्वारा औपचारिक आवक पंजीयन जारी किए जाने के बाद अब यह पूरा प्रकरण आधिकारिक विधिक जांच के दायरे में आ चुका है।
थाना रघुनाथनगर द्वारा प्राथमिकी की प्रति माननीय न्यायालय जे.एम.एफ.सी. वाड्रफनगर को सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई है। अब देखना होगा कि मेडिकल रिपोर्ट, घायलों की स्थिति और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस व संबंधित विभागीय प्रशासन आगे क्या ठोस वैधानिक कदम उठाता है।
विधिक डिस्क्लेमर (Legal Disclaimer):
यह समाचार थाना रघुनाथनगर में दर्ज प्राथमिक सूचना प्रतिवेदन (FIR क्र. 121/26), पुलिस महानिरीक्षक (सरगुजा रेंज) कार्यालय में प्रस्तुत आवेदन एवं उपलब्ध प्राथमिक तथ्यों के आधार पर जनहित में प्रकाशित किया गया है। समाचार में उल्लेखित सभी विवरण पुलिस रिपोर्ट व शिकायतकर्ताओं के कथनों पर आधारित हैं। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता अथवा निर्दोषिता का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय एवं पुलिस विवेचना के अधीन है। इस प्रकरण से जुड़े सभी संबंधित पक्षों का पक्ष भी सादर आमंत्रित है; उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्षता से यथोचित स्थान दिया जाएगा।




